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शिक्षिकाओं ने तबादला रुकवाने के लिए छात्राओं को बनाया बंधक

Sat, 23 Apr 2022 09:35 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी

सार


कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में गुटबाजी के कारण छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित। 
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छात्राओं से बात करते बीएसए। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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शिक्षिकाओं ने तबादला रुकवाने के लिए छात्राओं को बनाया बंधक
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गुटबाजी के चलते रात में हुआ हंगामा, पुलिस के पहुंचने पर मुक्त हो सकीं छात्राएं
दोनों शिक्षिकाओं पर रिपोर्ट दर्ज

संवाद न्यूज एजेंसी
लखीमपुर खीरी। बेहजम के कस्तूरबा गांधी विद्यालय में लंबे समय से चल रही गुटबाजी के बीच दो महिला शिक्षकों ने बृहस्पतिवार रात छात्राओं को ही छत पर ले जाकर बंधक बना लिया। वे दोनों इन छात्राओं से प्रभारी वार्डेन ललिता कुमारी के खिलाफ बयान दिलाना चाहती थीं। वार्डेन के सूचना देने पर पहुंचे बीएसए ने रात में ही विद्यालय पहुंचकर छात्राओं को बंधन मुक्त कराया। दोनों आरोपी शिक्षक पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। 
बताया गया है कि शिक्षक गोल्डी कटियार और मनोरमा मिश्र का आशारानी यादव से काफी समय से विवाद चल रहा था। आशारानी का तबादला किए जाने के साथ ही ललिता कुमारी को विद्यालय का वार्डेन बना दिया गया था। इसके बाद भी गुटबाजी न थमने पर बीएसए ने शिक्षक गोल्डी कटियार का रमियाबेहड़ ब्लॉक और मनोरमा मिश्र का पलिया ब्लॉक के विद्यालयों में तबादला कर दिया था। अपना तबादला रुकवाने के प्रयास में जुटीं दोनों महिला शिक्षिकों ने ललिता कुमारी के खिलाफ ही बयान देने के लिए छात्राओं को बंधक बना लिया। डरी-सहमी छात्राओं के चीखने-चिल्लाने पर वार्डेन ललिता कुमारी ने अफसरों को फोन से जानकारी दी। बीएसए डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय व जिला समन्वयक रेनू श्रीवास्तव रात 10 बजे विद्यालय पहुंच गए। दोनों आरोपी महिला शिक्षक उस वक्त छत पर ही मिलीं। बीएसए के बुलाने पर आई महिला पुलिस ने छात्राओं को बंधनमुक्त कराकर छत से नीचे उतारा। रात 11 बजे तक हंगामा होता रहा। जिला समन्वयक रेनू श्रीवास्तव की तहरीर पर पुलिस ने दोनों आरोपी शिक्षिकाओं पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। 
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छुट्टी देकर घर भेजी गईं केजीबी की सभी 54 छात्राएं
बेहजम स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में छात्राओं को बंधक बनाए जाने की घटना को गंभीरता से लेते हुए बीएसए ने सभी 54 छात्राओं को छुट्टी देते हुए उन्हें घर भेज दिया है। पूरे प्रकरण की जांच के लिए गठित टीम द्वारा रिपोर्ट दिए जाने के बाद छात्राओं को वापस बुलाकर पढ़ाई फिर से संचालित की जाएगी।

आरोपी शिक्षिकाएं बोलीं, हमें फंसाया जा रहा
प्रकरण में नामजद आरोपी शिक्षिका मनोरमा मिश्र और गोल्डी कटियार का कहना है कि उनके तबादले की जानकारी होते ही बच्चे भावुक हो गए और रोने लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि वार्डन ललिता कुमारी बच्चों से काम कराती थीं, जिसका उन्होंने विरोध किया था। पहले आशारानी वार्डन थीं, जिन्हें बर्खास्त कर दिया गया था। कुछ समय बाद उनको ही फिर से बहाल कर दिया गया। वर्तमान में वार्डन ललिता कुमारी को हटाकर आशारानी को वार्डन बनाने की बात चल रही थी। आशा रानी और ललिता कुमारी एक सलाह से कार्य करती है। बच्चों को खाने पीने की वस्तुओं में कोताही बरतती हैं, जिसका उन्होंने विरोध जताया तो यह षड़यंत्र रचा गया।
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जांच टीम ने आरोपी शिक्षिकाओं के बयान दर्ज किए
चार सदस्यीय जांच टीम ने शनिवार को आरोपी शिक्षिकाओं के बयान दर्ज किए। विद्यालय के अन्य स्टाफ के भी बयान दर्ज होने अभी बाकी हैं। बीएसए डॉ लक्ष्मीकांत पांडेय ने बताया कि सोमवार तक टीम जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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