बरेली नगर निगम का मेयर का पद सामान्य होने के बाद यहां कांटे के मुकाबले के आसार बन रहे हैं। अगर यह सीट महिला के लिए आरक्षित होती तो कांग्रेस की ओर से पूर्व मेयर सुप्रिया ऐरन ही सबसे मजबूत दावेदार होतीं, लेकिन इस सीट के सामान्य होने के बाद अब कांग्रेस ही नहीं भाजपा, सपा और बसपा के समीकरण भी गड़बड़ा गए हैं। सपा से निवर्तमान मेयर डॉ. आईएस तोमर का चुनाव लड़ना लगभग तय है। उनका सीधा मुकाबला भाजपा प्रत्याशी से माना जा रहा है। भाजपा में कई दावेदारों में मुकाबला भी चर्चा में है। कांग्रेस से सुप्रिया ऐरन का नाम टिकट के दावेदारों में सबसे ऊपर है जबकि बसपा के टिकट पर पूर्व विधायक सुल्तान बेग के परिवार का कोई सदस्य मैदान में उतर सकता है।
भाजपा और सपा नेताओं को नगर निगम मेयर की सीट पर आरक्षण सूची घोषित होने का इंतजार लंबे समय से था। आरक्षण सूची में मेयर की सीट सामान्य होने से निवर्तमान मेयर डॉ. आईएस तोमर की मजबूत दावेदारी दिख रही है। सपा से टिकट मिलने में उनको कहीं कोई बाधा नहीं दिख रही। इसके विपरीत भाजपा में मेयर के टिकट के दावेदारों की लंबी फौज है। इनमें बसपा से लोकसभा का चुनाव लड़कर भाजपा में शामिल हो चुके उमेश गौतम, पार्टी के टिकट पर पिछला चुनाव लड़े गुलशन आनंद, पार्टी में लंबे समय से सक्रिय डॉ. प्रमेंद्र महेश्वरी और लोकसभा पालक संजीव अग्रवाल के नाम शामिल हैं। कई और भी खुद को दावेदार बता रहे हैं। फिलहाल भाजपा का टिकट पाने के लिए इन चाराें के बीच तगड़ी होड़ है। अटकलें हैं कि चारों दावेदारों के नाम पर सहमति न बनने की स्थिति में भाजपा किसी संगठन पदाधिकारी को भी अचानक प्रत्याशी बना सकती है। शुक्रवार सुबह से रस्साकशी तेज होने के साथ तस्वीर भी साफ होना शुरू हो जाएगी।