खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम मिलावटखारों के खिलाफ त्योहारों पर ही अभियान चलाती दिखती है। सामान्य दिनों में किसी अधिकारी को मिलावट खोरों पर शिकंजा क सने की परवाह नहीं रहती। पिछले साल जनवरी से अब तक एफएसडीए ने मिलावटखोरी के शक में 415 नमूने लिए। इनमें से सिर्फ 20 फीसदी नमूने ही स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पाए जाने पर एडीएम कोर्ट में वाद दायर किए गए। एडीएम ने दोषी व्यापारियों पर जुर्माना भी डाला। कई मामले तो मौके पर ही ले-देकर निपटा लिए जाते हैं।
दिवाली नजदीक आते ही एफएसडीए ने फिर से मिलावट खोरोें के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। सहायक खाद्य आयुक्त और अभिहित अधिकारी की अगुवाई में ताबड़तोड़ छापे मारे जा रहे हैं। चालू महीने में ही अब तक सिर्फ बरेली में बीस नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जा चुके हैं, जबकि सामान्य दिनों में महीने भर में सिर्फ 10 से 12 नमूने ही लिए जाते हैं। त्योहार बीतनेे के बाद सब कुछ फिर सामान्य हो जाएगा। न कहीं अभियान दिखेगा और छापेमारी।
अगस्त में लिए गए नमूने
जिला नमूने
बरेली 40
शाहजहांपुर 29
पीलीभीत 20
बदायूं 29
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सितंबर में लिए गए नमूने
जिला नमूने
बरेली 31
शाहजहांपुर 19
पीलीभीत 19
बदायूं 16
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मिलावटखोरों के खिलाफ भैया दूज तक अभियान चलाया जाएगा, लेकिन खाद्य सुरक्षा अधिकारी अपनी इच्छा से किसी के प्रतिष्ठान से नमूना नहीं लेगा। हमें सूचना संकलन करने के बाद ही छापामारी करनी है। कोशिश यही की जा रही कि किसी को बिना वजह परेशान नहीं किया जाए।
- संजय पांडेय, सहायक खाद्य आयुक्त