बरेली। तमाम जागरूकता के बावजूद लोगों ने कोरोना से बचाव के सारे नियम ताक पर रख जमकर खरीदारी की और मेल मिलाप निभाया। चिकित्सकों के मुताबिक यह निश्चिंतता भारी पड़ सकती है। इससे लोग तेजी से कोरोना की चपेट में आ सकते हैं। विशेषज्ञों ने दो से तीन दिन में लक्षण दिखाई देने पर तत्काल सैंपलिंग के निर्देश दिए हैं। ताकि संक्रमण को जल्द ट्रेस कर परिवार का बचाव किया जा सके।
बीते करीब 20 दिनों से कोरोना केे मामलों में तेजी से गिरावट दर्ज हुई है मगर दो हफ्ते से निर्धारित सैंपल में संक्रमितों की तादाद लगभग एक जैसी ही है। यानी करीब तीन हजार सैंपल पर हर दिन 30 से 40 संक्रमित ट्रेस हो रहे हैं। जिसके चलते विशेषज्ञ संक्रमण की रफ्तार बढ़ने की आशंका जता रहे हैं। वहीं, धनतेरस, छोटी-बड़ी दिवाली पर हुई खरीदारी के दौरान जिस तरह बाजारों में भीड़ उमड़ी है... उससे संक्रमण फैलने की आशंका भी बनी हुई है। चिकित्सकों के मुताबिक, खिली धूप के साथ ठंड के असर से कोरोना वायरस करीब 48 घंटे तक वायुमंडल में मौजूद रह सकता है। अगर जाने अनजाने खरीदारी के दौरान अगर दस मिनट तक संक्रमित के टच में रहे तो कोरोना संक्रमण फैलने की आशंका है। चिकित्सकों ने बुखार, खांसी, जुकाम आदि होने पर सैंपलिंग कराने की अपील की है।
स्टाफ अवकाश पर, सैंपलिंग कम हुई
कोरोना महामारी की शुरुआत से ही ड्यूटी पर डटे स्वास्थ्यकर्मियों को अवकाश नहीं मिला। जिसे देखते हुए दिवाली से भैया दूज तक फील्ड स्टाफ को अवकाश दे दिया गया था। जिससे शनिवार और रविवार को सैंपलिंग कम हुई। शनिवार को हुई सैंपलिंग में स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक 15 संक्रमित मिले। जिनकी कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की जा रही है। एमएमयू प्रभारी अभिषेक त्यागी ने बताया कि फील्ड स्टाफ मंगलवार को ड्यूटी पर आएगा।
66 वर्षीय संक्रमित बुजुर्ग की मौत
बीते शुक्रवार को एक संक्रमित की मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक कर्मचारी नगर के कृष्ण विहार कॉलोनी के रहने वाले 66 वर्षीय बुजुर्ग की संक्रमण के चलते मौत हुई है, जो बीते कई दिनों से सर्दी, जुकाम और बुखार से पीड़ित थे। 11 नवंबर को उन्हें अस्पताल ले जाया गया। सैंपल लेकर जांच को भेजा गया और 12 नवंबर को उन्हें दिल्ली हाइवे स्थिति कोविड अस्पताल में भर्ती कराया था। 13 नवंबर को मौत हो गई।