महायोजना लागू होते ही यह होंगे बदलाव
- निर्माण के लिए मानचित्र स्वीकृत कराना अनिवार्य।
- ग्रीन बेल्ट, औद्योगिक और आबादी क्षेत्र अधिसूचित होंगे।
- भू-उपयोग चिह्नित होगा। अवैध निर्माण ध्वस्त किए जाएंगे।
- कृषि क्षेत्र में भू-अच्छादन 40 फीसदी हो जाएगा। भूतल अनुपात 1.5 से 3.5 फीसदी तक हो जाएगा।
- बीडीए अपने बजट से चौड़ी सड़कें, सीवर और जलनिकासी की व्यवस्था करेगा।
- हालांकि अभी जमीन का भू-उपयोग चिह्नित नहीं है। बिना रोकटोक के कोई भी निर्माण कर लिया जाता है और मानचित्र तक पास नहीं हो जाते हैं।
- आबादी के बीच उद्योग चल रहे हैं और खेती भी हो रही है।
दो से तीन नई आवासीय योजनाएं भी होंगी विकसित
एक्सईएन एपीएन सिंह के मुताबिक, 35 गांवों के मार्गों पर दो से तीन नई आवासीय योजनाएं विकसित की जाएंगी। वर्तमान में बीडीए ग्रेटर बरेली योजना को धरातल पर उतार चुका है। शाहजहांपुर रोड पर 16 गांव सीमा विस्तार के दौरान शामिल हुए हैं। यह रोड छह लेन का है, बड़े बाइपास से रामपुर व शाहजहांपुर रोड जुड़े हुए हैं।
इसके अलावा रामपुर रोड को बदायूं रोड होते हुए शाहजहांपुर रोड से जोड़ने के लिए नया बाईपास भी प्रस्तावित है। बदायूं रोड पर सीमा विस्तार में 14 गांव हैं। ऐसे में बीडीए जल्द ही इन मार्गों पर दो से तीन नई आवासीय योजना विकसित कर सकता है। हालांकि एमएसएमई और नाथधाम टाउनशिप योजना से भी इन गांवों को काफी फायदा होगा।
यह गांव बीडीए की सीमा में शामिल
- सदर तहसील के गांव : लहवरी, भगवतीपुर, कमुआ कलां, नरोत्तम नगला, भीकमपुर माफी।
- आंवला के गांव : अखा एहतमाली, अखा मुस्तिकल, कोहनी परतापुर, मजनूपुर, भोजपुर, रफियाबाद, कैमुंआ, सरदार नगर, चाढ़पुर, आलमपुर जाफराबाद, नवदिया, बढ़रई कुईंया, मिलक मंशारामपुर, वाहनपुर।
- फरीदपुर के गांव : दहलऊ, समोची, खमरिया, वाहनपुर, जेड़, मेगीनगला, गौसगंज सराय, नौगवां, उदयपुर मोहनलाल, सराय पट्टी सब्दलपुर, सरकड़ा, इनायतपुर, मकसूदनपुर, रसुईया, नवदिया देहा जब्ती, मटिया नगला।
बीडीए उपाध्यक्ष मनिकंडन ए. ने बताया कि महायोजना 2031 में शहर को विकसित करने के लिए जल्द जोनल प्लान पर काम होगा। बीडीए की सीमा में शामिल 35 नए गांवों की रूप रेखा बदली जाएगी।