बरेली। गाजियाबाद स्थित डासना मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद की ओर से 24 नवंबर को रामलीला मैदान पर हनुमान चालीसा पाठ की घोषणा की गई है। इत्तेहाद-ए-मिल्लत कौंसिल (आईएमसी) प्रमुख मौलाना तौकीर रजा उसी दिन वहां मुसलमानों की कॉन्फ्रेंस का एलान पहले से कर रखा है। अब यति नरसिंहानंद का बयान आने के बाद आईएमसी प्रमुख ने कहा कि जो शख्स पहले से वांछित है, वह इस तरह के सार्वजनिक कार्यक्रम की घोषणा कैसे कर सकता है? यह मामला पुलिस को देखना चाहिए। यह उनकी जिम्मेदारी भी है।
मौलाना ने कहा कि जिसने भी रसूल-ए-आजम पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है, उन सभी को जेल में होना चाहिए। ऐसे लोगों का आजाद रहना मुल्क के लिए खतरनाक हैं। पुलिस को इस पर कार्यवाही करनी चाहिए। इधर, आईएमसी की ओर से भी पार्टी प्रमुख का बयान जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि गुस्ताख आजाद घूम रहे हैं। कार्रवाई नहीं होने से आरोपियों के हौसले बढ़ रहे हैं। वहीं, मुसलमानों के खिलाफ नफरती कानून लागू किया जा रहा है। यह दोहरा रवैया ठीक नहीं।
उन्होंने कहा कि देश में एक ऐसा ईश निंदा कानून लागू होना चाहिए, जिससे कोई भी किसी धर्म के खिलाफ गलत बयानी न कर सके। 24 नवंबर की कॉन्फ्रेंस में सिर्फ आशिक-ए-रसूल ही शामिल हों। आईएमसी के मीडिया प्रभारी मुनीर इदरीसी ने बताया कि कार्यक्रम के लिए बरेली से पदाधिकारियों के दिल्ली पहुंचने का क्रम जारी है। बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय प्रवक्ता मौलाना एहसानुल हक चतुर्वेदी, युवा जिलाध्यक्ष साजिद सकलैनी आदि दिल्ली पहुंच गए।
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