बरेली। दीपमाला अस्पताल मामले की जांच रिपोर्ट अगले सप्ताह सीएमओ को सौंपी जाएगी। इस बीच आयुष्मान कार्ड से चल रहे इलाज में किन दवाओं का इस्तेमाल किया गया? बिल से इसका मिलान कराया जाएगा। इसके लिए अस्पताल प्रबंधन से बिल-वाॅउचर मांगे गए हैं। कैशलेस इलाज के दौरान नकद रुपये जमा कराए गए या नहीं, इसकी भी जांच शुरू हो गई है।
दीपमाला अस्पताल के डॉ. सोमेश मेहरोत्रा ने शाहजहांपुर से आई महिला मरीज का इलाज आयुष्मान कार्ड से शुरू किया था। आरोप है कि इस बीच उन्होंने लकवाग्रस्त मरीज को फौरी राहत के लिए इंजेक्शन लगाए थे, जिसका बिल मरीज के परिजन ने मांगा था। तब वायरल वीडियो में उन्होंने कहा था कि अगर वे बिल देंगे तो बाहर जाकर मुकदमा दर्ज करा दोगे। जांच रिपोर्ट तैयार करते वक्त पता चला कि यह तथ्य उसमें शामिल नहीं है। लिहाजा, रिपोर्ट को रोक दिया गया। मरीज के इलाज में किन-किन दवाओं और इंजेक्शन का प्रयोग हुआ? इसकी सूची अस्पताल से मांगी गई है।
बिल से इसका मिलान कराया जाएगा। आयुष्मान कार्ड से कैशलेस इलाज होता है। अप्रवूल के बाद मरीज या उसके तीमारदार से अतिरिक्त भुगतान कराना गलत है। जांच में अगर नकद भुगतान की पुष्टि हुई तो टीम विधिक कार्रवाई की संस्तुति भी कर सकती है।
रुपये नहीं दिए तो डॉक्टर ने दे दी गलत दवा, हुई मौत
मृतका विजयलक्ष्मी के बेटे गोविंद मोहन ने एक वीडियो वायरल कर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य मंत्री से न्याय की गुहार लगाई है। आरोप है कि डॉक्टर को रुपये नहीं दिए तो उन्होंने गलत दवा दे दी। इससे मां की हालत बिगड़ी और दिल्ली ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई। डॉक्टर ने इलाज की फाइल भी नहीं दी थी। आयुष्मान कार्ड लगाने के बावजूद 1.40 लाख रुपये ले लिए।
वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर जांच की जा रही है। आयुष्मान कार्ड से हुए इलाज के बिल और किन दवाओं-इंजेक्शन का प्रयोग मरीज के इलाज में हुआ? इसका भी मिलान कराया जाएगा। इसके बाद जांच रिपोर्ट सौंपी जाएगी। - डॉ. राकेश, एसीएमओ
अमर उजाला ब्यूरो