बरेली। ग्राम पंचायतों में साइन बोर्ड लगवाने के नाम पर 4.45 करोड़ रुपये के घोटाले की साजिश प्रभारी डीपीआरओ धर्मेंद्र कुमार के कार्यकाल में रची गई थी। इसका खुलासा भी समय रहते हो गया, लेकिन जांच और कार्रवाई की रफ्तार काफी कमजोर रही है। अब डीएम ने मंगलवार को 26 ग्राम प्रधानों को नोटिस जारी किया है।
डीएम ने कहा है कि 1193 ग्राम पंचायतों ने निश्चित दरों से 4,625 रुपये अधिक धनराशि से एक ही फर्म हरिराम इंटरप्राइजेज से साइन बोर्ड की खरीद की है। यह वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है।
इसके लिए संबंधित प्रधान और सचिव प्रथम दृष्टया दोषी हैं, लेकिन इस घोटाले की नींव रखने वाले प्रभारी डीपीआरओ अभी तक कार्रवाई के दायरे से दूर ही हैं। इनके विरुद्ध अभी तक एक नोटिस तक नहीं जारी हुआ है।
डीएम ने दोषी पाए गए प्रधानों से पूछा है कि क्यों न आपके विरुद्ध उप्र पंचायत राज अधिनियम की धारा के तहत कार्रवाई प्रस्तावित कर दी जाए? यदि प्रकरण में व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर चाहते हैं तो 15 दिन के अंतराल में संतोषजनक जवाब दें, अन्यथा यह मानते हुए कि आपको इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, तो एकपक्षीय निर्णय लेकर कार्रवाई होगी। संवाद