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अफसरों ने कहा सब ठीक.. पार्टी के नेताओं-व्यापारियों ने उधेड़ दीं परतें

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स्वास्थ्य राज्यमंत्री अतुल गर्ग ने अफसरों के साथ कोविड अस्पताल का निरीक्षण किया। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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अफसरों ने कहा संक्रमितों को भर्ती करने का रिस्पांस टाइम दो घंटे से कम बताया
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नेताओं-व्यापारियों ने खारिज किया दावा, कहा- कोविड अस्पतालों में हो रही वसूली

बरेली। कोविड कंट्रोल एवं कमांड सेंटर का निरीक्षण करने के बाद स्वास्थ्य राज्यमंत्री अतुल गर्ग ने अफसरों से सर्विलांस की स्थिति के बारे में पूछताछ की तो उन्होंने सबकुछ ठीक बताया। दावा किया कि संक्रमितों को भर्ती कराने का रिस्पांस टाइम दो घंटे से भी कम हो गया है। हालांकि सर्किट हाउस में राज्यमंत्री की शहर विधायक समेत पार्टी के नेताओं और व्यापारियों के साथ हुई बैठक में इसके उलट फीडबैक मिला। राज्यमंत्री को बताया गया कि संक्रमित तो समय से भर्ती नहीं हो रहे हैं, इसके उलट गैर संक्रमित लोगों को भी कोविड वार्ड में भर्ती कर उनसे लंबा-चौड़ा बिल वसूल किया जा रहा है। राज्यमंत्री ने इसकी जांच के लिए कमेटी भी गठित कर दी।
स्वास्थ्य राज्यमंत्री अतुल गर्ग ने कोविड कंट्रोल एवं कमांड सेंटर के निरीक्षण के दौरान सीडीओ चंद्रमोहन गर्ग, एडीएम सिटी महेंद्र कुमार सिंह से सर्विलांस टीम के बारे में पूछताछ की। सीडीओ ने बताया कि संक्रमितों को भर्ती कराने का रिस्पॉन्स टाइम अब दो घंटे से कम है। मंत्री ने 14 संक्रमितों के भर्ती होने की जानकारी मांगी तो बताया गया कि 45 मिनट से दो घंटे के बीच सभी संक्रमितों को कोविड अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। राज्यमंत्री ने अफसरों को हर मरीज से लगातार हालचाल पूछने, उनकी सेहत की जानकारी लेने, उन्हें बेहतर सेवा मुहैया कराने के निर्देश दिए। लापरवाही करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी हिदायत दी।
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अफसरों का सबकुछ ठीक होने का दावा सर्किट हाउस में जनप्रतिनिधियों, पार्टी के नेताओं और व्यापारियों के साथ राज्यमंत्री की बैठक में ही हवा हो गया। जनप्रतिनिधियों और व्यापारियों ने शिकायत की कि कोविड एल-2 और एल-3 अस्पताल की ओर से संक्रमण की पुष्टि न होने पर भी लोगों को कोविड वार्ड में भर्ती कर लंबाचौड़ा बिल बनाया जा रहा है। दूसरी ओर गंभीर संक्रमितों के इलाज में लापरवाही की जा रही है। यह भी कहा कि अब भी मरीजों को समय से भर्ती नहीं कराया जा रहा है। मरीजों से बदसलूकी और मृतक संक्रमितों के शव बदलने और शव श्मशान भूमि तक पहुंचाने के बदले वसूली करने की भी शिकायतें की गईं। मंत्री ने कमेटी गठित कर सभी मामलों की जांच कराने का निर्देश दे दिया।

दस दिन के अंदर कोविड एल- 2 बने तीन सौ बेड अस्पताल, फिर आएंगे मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से तीन बेड अस्पताल को कोविड-19 एल-2 अस्पताल बनाने के निर्देश दिए जाने के बाद तैयारियों का दौर तेज हो गया है। शुक्रवार को स्वास्थ्य राज्यमंत्री अतुल गर्ग ने अफसरों को दस दिन के भीतर तीन सौ बेड अस्पताल को कोविड एल-2 अस्पताल के तौर पर विकसित करने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि इसके लिए जिन उपकरणों की आवश्यकता है, उसका प्रस्ताव बनाकर तुरंत शासन को भेजा जाए। अस्पताल तैयार होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उसका उद्घाटन करेंगे।

निगेटिव हुई रिपोर्ट तो मोबाइल पर मिलेगा मेसेज

टेस्ट रिपोर्ट आने के बाद किसी व्यक्ति के कोरोना संक्रमित होने की जानकारी तो उस तक पहुंच जाती है। लेकिन निगेटिव निकले लोगों को रिजल्ट जानने के लिए भटकना पड़ता है। मंत्री ने इस बाबत सीडीओ को ठोस योजना बनाने के निर्देश दिए हैं। सीडीओ चंद्र मोहन गर्ग ने बताया कि फिलहाल रिपोर्ट एनआईसी की वेबसाइट पर अपलोड की जा रही है। सपोर्टिंग सॉफ्टवेयर न होने से डाटा फीडिंग में दिक्कत आती है। बताया कि नगर निगम के पास एक्सेल फाइल को तेजी से फीडिंग का सॉफ्टवेयर है। जो निगेटिव रिपोर्ट मिलने पर तत्काल व्यक्ति के मोबाइल नंबर पर मेसेज भेजकर रिपोर्ट बताएगा। बशर्ते नंबर सही दर्ज कराय गया हो।

अस्पताल में गंदगी देख मंत्री ने जताई नाराजगी

तीन सौ बेड अस्पताल की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे मंत्री ने उपकरणों के बारे में जानकारी लेने के बाद अस्पताल के कमरे और वाशरूम भी देखे। फर्श पर गंदगी पसरी देख उन्होंने सीएमओ को तत्काल अस्पताल को साफ सुथरा करके चमकाने के निर्देश दिए। जगह-जगह फर्श पर पानी फैला देख उन्होंने निर्माणदायी संस्था से अस्पताल का रखरखाव कराने को कहा। गुटखा की पीक देख उन्होंने थूकने वालों पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए। साथ ही, अस्पताल को हैंडओवर करने के दौरान जेई से खामियों की रिपोर्ट तैयार कराने और सुधार कराने को कहा। ताकि बाद में किसी तरह की कोई आशंका न रहे।

मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन से नहीं आ रहे वेंटिलेटर तो पीपीई मॉडल से खरीद लें

मंत्री ने सीएमओ से समीक्षा बैठक में डायलिसिस मशीन, सीटी स्कैन, एमआरआई मशीन समेत वेंटिलेटर और अन्य उपकरणों की सूची तत्काल शासन को भेजने को कहा। साथ ही मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन से लेटलतीफी होने पर पीपीई मॉडल के तहत खरीदारी किए जाने का भी सुझाव दिया है। सीएमओ ने 20 वेंटिलेटर का आईसीयू बनाने का सुझाव रखा जिस पर मंत्री ने प्रस्ताव बनाकर भेजने को कहा है। स्टाफ की समस्या पर मंत्री ने डीजी हेल्थ समेत अन्य सक्षम अधिकारियों को इस संबंध में पत्र भेजने की बात कही है।

अस्पतालों में शोषण हो तो करें लिखित शिकायत.. जांच कराएंगे अफसर

मंत्री ने बरेली से कई मरीजों की ओर से शासन स्तर पर शिकायत पहुंचने की बात कही है। जिसमें संक्रमितों की घबराहट और डरे हुए मरीजों से अनर्गल वसूली और बेवजह प्राइवेट वार्ड में भर्ती कर उगाही किए जाने की की शिकायतें हैं। मामले पर उन्होंने ऐसे अस्पतालों के खिलाफ लिखित शिकायत मिलने पर तत्काल सघन जांच कराकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने कहा कि मौखिक शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई करने में अड़चन है। लिहाजा लोगों को उन्होंने लिखित शिकायत किए जाने का सुझाव दिया है ताकि जांच और कार्रवाई का आधार बन सके।
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