बरेली। जिले में मलेरिया के मरीज बढ़ने लगे हैं। सौ के पार पहुंच रहा मरीजों का आंकड़ा मच्छरजनित रोगों की रोकथाम के दावों की पोल खोल रहा है। जिले के नौ ब्लॉकों में मलेरिया के मरीज मिले हैं, लेकिन मझगवां में संख्या सर्वाधिक 39 है।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जनवरी से अप्रैल तक 50 मरीज मिले थे। मई में 54 नए मरीज मिलने से तादाद 105 पहुंच गई है। जिला मलेरिया अधिकारी के मुताबिक, अब तक किसी मरीज की हालत गंभीर नहीं हुई है। स्वास्थ्य केंद्रों पर निशुल्क इलाज किया जा रहा है। विवैक्स मलेरिया की चपेट में आने वाले मरीजों का इलाज 14 दिन तक चलता है।
बीच में दवा छोड़ देने से परजीवी नष्ट नहीं होते। मौका मिलते ही वे फिर विकसित होकर रोग की वजह बनते हैं। ऐसे मरीज मलेरिया के वाहक भी बनते हैं। अगर मच्छर इनका खून चूसकर स्वस्थ व्यक्ति को काट लें तो वह भी बीमार हो जाता है। इसलिए मरीजों को 14 दिनों तक दवा लेनी चाहिए। उन्होंने लोगों से सफाई का ध्यान रखने, घर के पास जलभराव न होने देने, झाड़ियों को काटने, शाम को फुल आस्तीन के कपड़े पहनने का सुझाव दिया है। ब्यूरो