दो पक्षों की रंजिश में बलि चढ़ गया धर्मेंद्र
जसपाल और सुखदेव गंगवार के बीच जमीन की रंजिश है। दो साल पहले सुखदेव पक्ष ने जसपाल के चाचा सुरेंद्रपाल की हत्या कर दी थी। जसपाल ने सुखदेव व उसके पुत्र रवि गंगवार समेत सात लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने गैंगस्टर की कार्रवाई करते हुए सुखदेव की 1.46 करोड़ की संपत्ति कुर्क कर दी थी और सुखदेव व रवि समेत सभी आरोपी जेल भेज दिए थे।
रवि जमानत पर बाहर आ गया था। जानकारी के अनुसार धर्मेंद्र का परिवार सुखदेव गुट में रहता था। आरोपी विजय पर जसपाल ने अपने पक्ष के व्यक्ति से चोरी से पेड़ काटने का मुकदमा दर्ज कराया था। इन्हीं बातों की वजह से रवि, ओमप्रकाश व विजयपाल ने धर्मेंद्र की हत्या कर दी।
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एसएसपी घुल सुशील चंद्रभान ने बताया कि धर्मेंद्र की हत्या के बाद से ही स्पष्ट हो गया था कि आरोपी दूसरे ही हैं। जसपाल पक्ष के बारे में जानकारी की गई तो धर्मेंद्र की हत्या से उनका कोई लाभ होता नहीं दिख रहा था।, जबकि विजय पक्ष जसपाल आदि को फंसाने के लिए कई प्रयास कर चुका था। आखिर में स्थिति साफ हो गई।