बरेली। कूड़ा निस्तारण के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) अपलोड होने के बाद दिल्ली और कोलकाता समेत देश के विभिन्न हिस्सों से दस कंपनियों ने इसमें दिलचस्पी दिखाई हैं। इनके प्रस्तावों का आकलन किया जा रहा है।
अगले माह कंपनियां अपनी कार्ययोजना का प्रस्तुतीकरण देंगी। जो कंपनी कम दरों पर शर्तों के मुताबिक कूड़े की प्रोसेसिंग करने के लिए तैयार होगी, उसे जिम्मेदारी दी जाएगी। संबंधित कंपनी को सथरापुर में कम से कम 30 करोड़ रुपये निवेश कर प्लांट लगाना होगा। इसके बाद शहर में बाकरगंज और सरायतल्फी जैसे कूड़े के पहाड़ नहीं बनेंगे।
पर्यावरण अभियंता राजीव कुमार राठी ने बताया कि स्वीडन, जर्मनी, ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, बेल्जियम, नीदरलैंड, स्विट्जरलैंड आदि देशों में कचरे के पहाड़ नहीं बनते। वहां इसका इस्तेमाल खाद बनाने व ऊर्जा उत्पादन के लिए होता है। इसी माॅडल पर बरेली में यूपी का पहला प्लांट संचालित कराने की कवायद है। ब्यूरो