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लैब बनने से पहले ही रख दी मशीन.. भड़के डीएम

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जिला अस्पताल का निरीक्षण करते डीएम और अन्य। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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पूछा- निर्माण के दौरान मशीन खराब हो गई तो कौन जिम्मेदार होगा

बरेली। दो दिन बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से तैयारियां तेज हो गई हैं। निर्माणाधीन लैब की सुस्त प्रगति पर बीते दिनों सीएमएस का वेतन रोकने के बाद बुधवार को डीएम और सीडीओ ने एसएसपी के साथ निरीक्षण किया। लैब का निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही मशीन रखे जाने पर उन्होंने विभागीय अफसरों पर जमकर नाराजगी जताई।
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तीन जुलाई को सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लैब समेत तीन सौ बेड के अस्पताल और महिला अस्पताल के एसएनसीयू का उद्घाटन करने बरेली आ सकते हैं। जिसे देखते हुुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी तेज कर दी है। बुधवार को डीएम नितीश कुमार ने जिला अस्पताल में निमार्णाधीन बीएसएल-2 यानी बायोसेफ्टी लेवल-2 आरटी-पीसीआर टेस्ट लैब का निरीक्षण किया। इस दौरान पहले से ही जांच के लिए खरीदी गई मशीनेें रखे जाने पर उन्होंने खराब होने की आशंका जताते हुए नाराजगी जताई। निर्देश दिया है कि लैब का काम हर हालत में दो दिन में पूरा हो जाए। लैब का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने बर्न वार्ड, टीबी वार्ड का भी निरीक्षण किया। परिसर में गंदगी पर भी नाराजगी जताई और शीघ्र सफाई कराने का निर्देश दिए। अस्पताल में चर्चा है कि सीएम निर्माणाधीन लैब का निरीक्षण कर सकते हैं। लिहाजा, व्यवस्था दुरुस्त करने का हरसंभव प्रयास हो रहा है।

तीन सौ बेड के अस्पताल में गंदगी

लैब का निरीक्षण करने के बाद डीएम ने तीन सौ बेड के अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां पर बनाए जा रहे कोविड अस्पताल की तैयारी, संदिग्ध मरीजों की सैंपलिंग, स्क्रीनिंग समेत अन्य जानकारियां लीं। इस दौरान परिसर में गंदगी होने पर उन्होंने नाराजगी जताई। अस्पताल प्रभारी डॉ. अजमेर सिंह को साफ सफाई के बाबत व्यवस्थाएं करने को कहा। इस दौरान सीडीओ चंद्र मोहन गर्ग भी मौजूद रहे।

सैंपल लेने में देरी पर मरीजों ने किया हंगामा

तीन सौ बेड के अस्पताल में सोमवार को एक एलटी के संक्रमित होने के बाद मंगलवार को सैंपलिंग बंद रही थी, जिसकी वजह से बुधवार को सैंपलिंग के लिए करीब तीन सौ से ज्यादा लोग पहुंचे हुए थे। इस दौरान कुछ महिलाएं जो सुबह से ही पहुंची हुई थीं उन्होंने सैंपल लेने में लेटलतीफी होने पर हंगामा शुरू कर दिया। बाद में अन्य लोग भी हंगामे में शामिल हो गए। डॉ. अजमेर सिंह ने बताया कि सभी की स्क्रीनिंग के बाद एक साथ सबके सैंपल लिए जाते हैं। बीच में स्क्रीनिंग रोककर सैंपल लेना नामुमकिन है। वहीं एक एलटी के संक्रमित होनेे के बाद अन्य भी क्वारंटीन हैं। लिहाजा स्टाफ की भी कमी है। करीब आधे घंटे तक चली नोंकझोंक के बाद लोग शांत हुए। शाम पांच बजे तक खत्म होने वाली ओपीडी बुधवार को रात आठ बजे तक जारी रही। सौ से ज्यादा लोगों के सैंपल लिए गए। उन्होंने गुरुवार से हालत सामान्य होने की बात कही है।
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