जिला अस्पताल की ओपीडी की व्यवस्था पटरी से उतर चुकी है। मरीजों की भीड़ लगातार बढ़ रही है, डॉक्टर कम हो रहे हैं। सोमवार को एक फिजीशियन छुट्टी पर रहे। मात्र दो फिजीशियन ओपीडी के साथ इमरजेंसी ड्यूटी पर थे। चार दिन बाद एक चेस्ट फिजीशियन भी छुट्टी पर जा रहे हैं, जबकि एक पहले से छुट्टी पर हैं। ऐसे में मरीजों की मुश्किल और बढ़ जाएगी।
सोमवार को जिला अस्पताल में करीब 2500 मरीज आए। इनमें 1500 मरीज नये पर्चे के साथ आए, करीब 1000 मरीज पुराने पर्चे के साथ पहुंचे। दिन भर भीड़ बनी रही जब कि दो कक्षों में डॉक्टर न होने के कारण ताला बंद रहा। जनरल फिजीशियन डॉ. अजय मोहन अग्रवाल चार दिन से रुड़की कोर्ट एविडेंस मामले में बाहर गए हैं। फिजीशियन डॉ. वागीश वैश्य और डॉ. अंशुमान तिवारी ही ओपीडी संभाल रहे हैं।
बढ़ेगी मरीजों की मुश्किल
चेस्ट फिजीशियन डॉ. वीके धस्माना बीमारी के चलते लंबी छुट्टी पर हैं। आठ अप्रैल से डॉ. एमएल शर्मा भी छुट्टी पर जा रहे हैं। यहां रोजाना 200 से अधिक मरीज आ रहे हैं। ऐसे में इन मरीजों की मुसीबत बढ़ना तय है।
ओपीडी डॉक्टरों के भरोसे इमरजेंसी और पोस्टमार्टम
दो इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर में से एक ईएमओ छुट्टी पर हैं। सिर्फ एक डॉक्टर आठ से 12 घंटे की ड्यूटी कर रहे हैं। इसके अलावा डॉ. वागीश वैश्य और डॉ. अंशुमान तिवारी इमरजेंसी में मरीजों को देख रहे हैं। इनके ऊपर पोस्टमार्टम क ी भी जिम्मेदारी है।
हृदय रोग विभाग का भार भी फिजीशियन पर
हृदय रोग विभाग के डॉ. वीके भारद्वाज सेवानिवृत्त हो चुके हैं। अब इस विभाग की जिम्मेदारी भी डॉ. एमए अग्रवाल पर है। चार दिन से वह छुट्टी पर हैं जिससे मरीजों को लौटना पड़ रहा है।
डॉक्टरों की कमी है, लगातार शासन को पत्र भेजा जा रहा है। चेस्ट फिजीशियन एक अंडर सीएमओ हैं उनसे बात हो गई है अगर वे ड्यूटी पर आते हैं तो दिक्कत नहीं होगी।