फरीदपुर। क्षेत्र के एक निजी लैब में जांच के बाद झोलाछाप ने ग्रामीण को टीबी का मरीज घोषित कर दिया। सरकारी अस्पताल में दोबारा जांच में वह ग्रामीण स्वस्थ निकला। इस मामले में गलत रिपोर्ट देने पर सीएचसी अधीक्षक ने शुक्रवार को निजी लैब के संचालक मोहित और झोलाछाप प्रमोद को नोटिस दिया है।
कस्बे के सीएचसी के अधीक्षक डॉ. अनुराग गौतम ने बताया कि क्षेत्र के एक ग्रामीण ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर 15 दिनों पहले शिकायत दर्ज कराई थी। उसने अपने आपको टीबी का मरीज बताया। उसने कहा कि गांव के झोलाछाप ने टीबी की जांच करने की सलाह दी।
उसने फरीदपुर की मोहित पैथोलॉजी लैब से जांच कराई। इसमें उसे टीबी का मरीज घोषित किया गया। इसके बाद झोलाछाप ने उसे दवाई लेने की सलाह दी। वह स्वास्थ्य केंद्र पर आया। टीबी के लक्षण नहीं मिलने पर उसे दवाइयां नहीं दी गईं। इससे गुस्साए ग्रामीण ने डॉक्टरों के खिलाफ मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत कर दी। इसके बाद डॉक्टर ने उसकी टीबी की जांच कराई, जिसमें वह स्वस्थ निकला।
सीएचसी के अधीक्षक डॉ. अनुराग गौतम ने बताया कि पैथोलॉजी लैब के संचालक मोहित व दियोरनिया रसूइया निवासी झोलाछाप प्रमोद से दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वे दिखा नहीं सके। इसलिए दोनों को नोटिस दिया गया है। संवाद