The innocent child will appear in front of the board of health department
- फोटो : The innocent child will appear in front of the board of health department
आलोक नगर के दुर्गेश और राजीव की एक माह की बच्ची का मामला सोमवार को स्वास्थ्य विभाग बोर्ड के सामने पेश होगा। दोपहर दो बजे सुनवाई शुरू होगी। सीएमओ कार्यालय में तीन सदस्यीय डॉक्टरों की टीम दोनों पक्षाें को सुनेगी।
डॉ. नीरा अग्रवाल के मानस अस्पताल में आपरेशन से पैदा होने के बाद डॉ. रवि खन्ना अस्पताल में सांस की दिक्कत होने पर वेंटीलेटर पर पांच दिन भर्ती किया गया था। एक माह की बच्ची का पैर इतनी बुरी तरह सड़ चुका है कि अब इसे काटने की नौबत आ गई है। दिल्ली एम्स के डॉक्टराें से लेकर बरेली के डॉक्टरों ने इस पर लापरवाही को ही बड़ा कारण बताया है। हालांकि इलाज करने वाले डॉक्टर इंफेक्शन की वजह से बच्ची का पैर खराब होने की बात कह रहे हैं। मां दुर्गेश और पिता राजीव कुमार ने इस मामले पर सीजेएम कोर्ट में याचिका दायर की है जिसकी सुनवाई 17 जून को होगी। इससे पहले सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के बोर्ड में दोनों पक्षों को सुना जाएगा। डीएम और सीएमओ के पास शिकायत के बाद चिट्ठी भेजकर दोनों को दोपहर 2 बजे कार्यालय बुलाया गया है। सुनवाई के बाद रिपोर्ट जारी की जाएगी।
अभी ठीक है बच्ची, पैर को लेकर दिक्कत
बच्ची के पिता राजीव कुमार ने बताया कि उसका बुखार ठीक है और सांस लेने में भी समस्या नहीं है। एसआरएमएस मेडिकल इंस्टीट्यूट के बाल रोग विशेषज्ञ उसे देख रहे हैं। पैर को लेकर अभी भी समस्या है। डॉक्टर उसका इलाज कर रहे हैं। राजीव का कहना है कि वे बोर्ड में जाकर अपना पक्ष रखेंगे। पीछे नहीं हटेंगे।