बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संकाय में मंगलवार को बुक क्वेस्ट-बियॉन्ड द पेजेस कार्यक्रम का आयोजन इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग में हुआ। ओरिएंटेशन प्रोग्राम 2026 के तहत हुए कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि एआई इंजीनियरिंग शिक्षा का एक शक्तिशाली सहयोगी है। हालांकि, यह मजबूत मूलभूत ज्ञान का विकल्प नहीं है।
इंजीनियरिंग की पाठ्यपुस्तकें विद्यार्थियों को गणितीय सिद्धांतों और तकनीकी विषयों की गहरी समझ देती हैं। एआई का उपयोग कठिन अवधारणाओं को समझने और नए विचार विकसित करने में सहायक हो सकता है। संकायाध्यक्ष अर्चना गुप्ता ने कहा कि एक अच्छे इंजीनियर की पहचान तकनीक के पीछे के सिद्धांत को समझकर उसका सही उपयोग करने से होती है।
कार्यक्रम की समन्वयक छवि शर्मा ने कहा कि भविष्य में एआई की भूमिका बढ़ेगी। इसलिए विद्यार्थियों को इसका सही, नैतिक और बुद्धिमत्तापूर्ण उपयोग सीखना चाहिए। कहा कि एआई उत्तर दे सकता है, पर सही प्रश्न पूछने और सत्यता परखने की क्षमता अपने ज्ञान से आती है। कार्यक्रम में पुस्तकों और रचनात्मकता पर आधारित विभिन्न प्रतियोगिताएं भी हुईं। कृष्णा शर्मा, राघव अग्रवाल, अनुभव, दिव्यांशु, पलक प्रजापति और अनुज वर्मा विजेता रहे।