मेयर डा. आईएस तोमर के धनवंतरि नर्सिंग होम अस्पताल का स्वीकृत नक्शे से विपरीत बनाने पर चार साल पहले बीडीए ने चालान किया था। इससे पहले बीडीए के तत्कालीन तत्कालीन सचिव सुभाषचंद्र उत्तम और टाउन प्लानर महावीर सिंह ने मौके पर जांच की थी। इसमें पाया गया था कि अस्पताल का नक्शा आवासीय कम नर्सिंग होम में स्वीकृत है लेकिन मौके पर उसका निर्माण स्वीकृत नक्शे से विपरीत कराया गया है। अस्पताल की कंपाउंडिंग के लिए आवेदन किया गया लेकिन ये मामला कोर्ट में जाने की वजह से कंपाउंउिंग नहीं हो पाई। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद बीडीए ने नर्सिंग होम संचालक को नोटिस जारी कर 15 दिन में स्पष्टीकरण मांगा है।
सिविल लाइन की रामपुर गार्डन कालोनी में वर्ष 1991 में धनवंतरि तोमर अस्पताल का मानचित्र बीडीए से स्वीकृत किया गया था। निर्माण स्वीकृत मानचित्र के अनुकूल नहीं था। न तो नर्सिंग होम के आगे पीछे शेड छोड़ा गया और न ही बेसमेंट पार्किंग के इंतजाम किए गए। 20 साल तक बीडीए ने नर्सिंग होम के भवन के मानकों की जांच नहीं की। वर्ष 2012 में डा. अनुपमा राघव की शिकायत पर भी जांच नहीं हुई। बीडीए की जांच रिपोर्ट में बताया गया कि नर्सिंग होम के स्टाफ के वाहन अस्पताल के बाहर अतिक्रमण कर खड़े होते हैं।
धन्वंतरि तोमर अस्पताल को स्वीकृत नक्शे के विपरीत बनाने की शिकायत पर प्रबंधन को नोटिस भेजा गया है। 15 दिन में जवाब मांगा गया है। स्पष्टीकरण मिलने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
-अजय कुमार, डिप्टी सेक्रेटरी बीडीए
धन्वंतरि अस्पताल एक पंजीकृत अस्पताल है। आवासीय क्षेत्र में अस्पताल नहीं चला सकते हैं। वहां मरीज भर्ती होना भी गलत है। ये विकास प्राधिकरण जाने कि अस्पताल आवासीय क्षेत्र में बना है या फिर कामर्शियल में। स्वास्थ्य विभाग केवल बीडीए की एनओसी देखकर वहां स्वास्थ्य संबंधी सुविधाआें के आधार पर पंजीकरण करता है।
डॉ. सुबोध शर्मा, संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण
अवैध नर्सिंग होम को भेजेंगे नोटिस
बरेली। बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि रामपुर गार्डन समेत शहर के विभिन्न हिस्सों में 15 सौ से ज्यादा ऐसे निर्माण चिह्नित किए गए हैं जिनका नक्शा आवासीय में स्वीकृत कराकर उनमें कामर्शियल गतिविधियां संचालित हैं। ऐसे नर्सिंग होम, अस्पताल, क्लीनिक या अन्य तरह के भवन मालिकों को नोटिस भेजकर नक्शा दिखाने को कहा जाएगा। निर्माण स्वीकृत नक्शे के विपरीत है तो उसकी कंपाउंडिंग कराने समेत नियम संगत तरीके से नियमों के दायरे में लाया जाएगा।