सहारनपुर की टपरी डिस्टलरी से अवैध देसी शराब की बिक्री और 35 करोड़ रुपये की कर चोरी के मामले में जांच का दायरा बढ़ गया है। बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर और पीलीभीत में सबसे ज्यादा शराब खपाई गई। इस मामले में डिस्टलरी के प्रबंध निदेशक प्रणय अनेजा समेत 27 लोगों के खिलाफ गैंगस्टर का मामला दर्ज है। हाल ही में बरेली में दो आरोपियों की 48.99 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की गई है।
इंस्पेक्टर नेमचंद सिंह ने बताया कि दिसंबर 2025 में प्रणय अनेजा को गैंग लीडर बनाते हुए सहारनपुर की देहात कोतवाली में गैंगस्टर का मामला दर्ज किया गया था। मार्च 2021 में सहायक आबकारी आयुक्त प्रवर्तन आरिफ जमील ने एसआईटी थाना लखनऊ में प्रणय अनेजा समेत 16 लोगों के खिलाफ 35 करोड़ रुपये की एक्साइज, जीएसटी और इनकम टैक्स चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। यह चोरी पर्यवेक्षण उपकरणों में छेड़छाड़ कर एक ही बिल्टी पर दो बार शराब से भरे ट्रक निकालकर 11 माह में की गई थी।
विवेचना के दौरान 14 अन्य नाम भी सामने आए थे। आरोपियों में ग्रीन पार्क निवासी मनोज व नीरज जायसवाल, सीबीगंज निवासी अश्विनी कुमार उपाध्याय, भमोरा के बल्लिया गांव निवासी अजय जायसवाल, मनीष उर्फ मिंटू जायसवाल, बदायूं के बिसौली कस्बे में बुध बाजार निवासी प्रदीप गुप्ता, बिल्सी थाने के नागरझूना गांव का निवासी वीरेंद्र शंखधार भी आरोपी हैं। इन चारों जिलों में 2020-21 में तैनात रहे शराब कंपनी के मैनेजर भी जांच के घेरे में हैं।
कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
गैंगस्टर का मामला दर्ज होने के बावजूद, अप्रैल के पहले सप्ताह तक केवल मनोज और नीरज जायसवाल की 48.99 करोड़ रुपये की संपत्ति ही कुर्क की गई है। गैंग लीडर प्रणय अनेजा समेत कई अन्य आरोपियों की संपत्तियों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। आबकारी विभाग के अधिकारियों पर भी नरमी बरती जा रही है। 35 करोड़ रुपये की कर चोरी के मामले में एसआईटी मनी लॉन्ड्रिंग की भी जांच कर रही है, जिसमें कई और नाम सामने आ सकते हैं। आरोपियों का चारों जिलों में शराब कारोबार में अब भी दखल बना हुआ है।