बरेली। बड़ा बाइपास पर ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) बनकर तैयार हो चुका है। इसकी शुरुआत इसी माह के अंत तक होनी है। इस सेंटर पर निजी एजेंसियां व्यावसायिक वाहनों की आठ तरह की जांच कर आरटीओ को रिपोर्ट देंगी और इसके बाद आरटीओ से प्रमाणपत्र जारी होंगे। एटीएस सेंटर पर रोजाना 200 वाहनों की जांच होगी। कंप्यूटर से वाहनों की फिटनेस होने से दलालों का खेल खत्म हो जाएगा।
एआरटीओ मनोज सिंह के मुताबिक अभी हाल में 31 हजार व्यावसायिक वाहन पंजीकृत हैं और अभी इनकी जांच रिपोर्ट कार्यालय से मैनुअल तरीके से हो रही है। बड़ा बाइपास पर ढाई करोड़ की लागत से बने एटीएस सेंटर में मशीनों के माध्यम से वाहनों के फिटनेस की जांच होगी, जो निजी संस्थाएं करेंगी। हालांकि फिटनेस का प्रमाणपत्र आरटीओ की ओर से ही जारी होगा। उन्होंने कहा कि इससे जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और परिवहन विभाग के पोर्टल पर ही रिपोर्ट अपलोड होगी। एटीएस सेंटर की लगभग सभी प्रक्रियाओं को पूरा कर लिया गया है, इसी माह के अंत तक इसकी शुरुआत होने की भी उम्मीद है। इसमें ट्रायल से लेकर मशीनों का निरीक्षण आदि कर मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी गई है, वहां से अनुमति मिलते ही सेंटर शुरू कर दिया जाएगा।
- ब्रेकिंग सिस्टम समेत अन्य महत्वपूर्ण जांच हो सकेगी सेंटर में
एटीएस में ब्रेकिंग सिस्टम, धुआं उत्सर्जन, सस्पेंशन, लाइटिंग सिस्टम सहित अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच आधुनिक तरीके से होगी। इसको लेकर मशीनें आदि की इंस्टॉलेशन भी कर दी गई है। सेंटर ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक (एडीटीटी) की तरह ही सेंसर युक्त है। इसमें किसी भी तरह की कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। अगर जांच में वाहन की फिटनेस फेल होती है तो प्रमाणपत्र के लिए दोबारा से आवेदन करना होगा। इतना ही नहीं वाहन की फीस भी दोगुनी हो जाएगी। हालांकि इससे वाहन स्वामियों को एक राहत भी मिलेगी, फिटनेस के लिए पहले की तरह कतार में खड़े नहीं होना पड़ेगा।
फिटनेस फीस...
भारी वाहन : 12,500 हजार रुपये
मध्यम वाहन: 10 हजार रुपये
हल्के वाहन: 7,500 हजार रुपये
थ्री व्हीलर: 3,500 हजार रुपये
टू व्हीलर: एक हजार रुपये