बहेड़ी। रिश्वत मांगने का आरोप लगाकर धान खरीद केंद्र प्रभारी को एंटी करप्शन टीम से पकड़वाने वाला किसान भी जांच के दायरे में आ गया है। तय सीमा से अधिक धान मिलने पर मंगलवार को डीएम की ओर से गठित टीम ने किसान से पूछताछ की। इसमें किसान अफसरों के सवालों का जवाब नहीं दे पाया। इसके अलावा टीम ने कृषि उत्पादन मंडी समिति पहुंचकर धान खरीद केंद्र में छानबीन की।
तहसीलदार भानु प्रताप, एडीसीओ, मंडी समिति सचिव अपनी टीम के साथ मंगलवार को दिन में पहुंचे। मंडी यार्ड में पड़े सुनील कुमार के धान की जांच की। सत्यापित पंजीकरण में दो क्विंटल 98 किलो धान खरीद होने की मात्रा पाई गई। वहीं, मौके पर जांच में तकरीबन 100 क्विंटल धान पड़ा मिला। लेकिन, वह किसी का जवाब नहीं दे पाए। टीम के सामने किसान ने पहले बताया कि यह धान उनके खेत का है, जबकि 100 क्विंटल धान के मुकाबले उसके खेत का रकबा बेहद कम है। अब टीम उसके गांव जाकर राजस्व की टीम के साथ मुआयना करेगी।
किसान के परिचित व्यापारी की कुंडली खंगाल रही है टीम : टीम अब सुनील कुमार के पीछे धान खरीद का काम करने वाले उसके गांव के पास के व्यापारी का पता निकाल चुकी है। व्यापारी की भी कुंडली खंगाली जा रही है। प्रशासन को पता चला है कि जिस व्यापारी के साथ मिलकर किसान धान खरीद कर रहा है। उस पर पूर्व में फायरिंग करने के मामले में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। टीम ने बताया कि इस प्रकरण में जांच चल रही है। अगर किसान धान खरीद के मामले में दोषी हुए तो किसान के साथ-साथ उनके साथ काम करने वाले उस व्यापारी के खिलाफ भी एफआईआर कराई जाएगी। संवाद
व्यापारी को बचाने में जुटे नेताजी
जिले के एक नेताजी धान खरीद का काला धंधा करने वाले व्यापारी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हो गए हैं। वह मामले को दबाने के लिए अधिकारियों पर दबाव बना रहे हैं। लोगों का कहना है कि वह नेताजी का बेहद करीबी है।
टीम ने मौके पर जांच की है। किसी भी बिचौलिए या व्यापारी को किसान का हक नहीं मारने दिया जाएगा। जांच में अगर किसान बिचौलिए के रूप में पाया जाता है तो उसके और उसके व्यापारी साथी के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी। - कमलेश कुमार, डिप्टी आरएमओ, बरेली