फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: निजी बैंकों की अनदेखी से दम तोड़ रहा स्वरोजगार का ख्वाब

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। प्रदेश सरकार की ओर से युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना पर निजी बैंकों की लापरवाही भारी पड़ रही है। युवाओं के स्वरोजगार के सपने टूट रहे हैं। आलम यह है कि इस वित्त वर्ष में निजी बैंक शाखाओं की ओर से योजना के तहत सिर्फ दस आवेदन स्वीकृत किए गए हैं।
विज्ञापन

उद्योग विभाग के मुताबिक, योजना के तहत युवाओं को स्वरोजगार के लिए पांच लाख रुपये का ब्याज मुक्त लोन दिया जाता है। वित्त वर्ष 2025-26 में योजना के तहत 2700 का लक्ष्य बैंकों को दिया गया है। विभाग की ओर से 2643 आवेदन बैंकों के पास भेजे गए, लेकिन उनमें से 1,939 अस्वीकृत कर दिए गए। आवेदन अस्वीकृत करने में निजी बैंक आगे रहे। बैंकों ने सिर्फ 722 फाइलें ही पास की हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा ने सर्वाधिक 182 व एसबीआई ने 147 लोगों को ऋण दिया है। जिलाधिकारी की हिदायत के बावजूद बैंकों के रवैये में कोई बदलाव नहीं आया।

प्रपत्र पूरे होने के बावजूद रद्द कर दी फाइल
सीबीगंज निवासी विनीत ने बताया कि उसने स्वरोजगार स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के तहत ऋण के लिए एचडीएफसी बैंक की सिविल लाइंस शाखा में आवेदन किया था। सभी प्रपत्र पूरे होने के बावजूद उसे कई महीने दौड़ाया गया। इसके बाद उसकी फाइल रद्द कर दी गई। पूछने पर बताया गया कि उसका सिबिल स्कोर ठीक नहीं होने से फाइल रद्द की गई है। युवक का कहना है कि उसका पहले से एक लोन चल रहा है, जिसकी किस्तें वह समय पर अदा कर रहा है। इसके बावजूद उसकी फाइल रद्द कर दी गई। सौरभ श्रीवास्तव (संवाद)
विज्ञापन


प्राइवेट बैंकों की स्थिति

बैंक का नाम आवेदन आए स्वीकृत आवेदन

आईबीडीआई बैंक 11 0
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक 1 0
एचडीएफसी बैंक 101 1
बंधन बैंक 1 0
प्रथमा बैंक 1 0
एक्सिस बैंक 23 2
कैनरा बैंक 43 7
कोटक महिंद्रा 30 0
कर्नाटका बैंक 5 0

योजना के अंतर्गत जो फाइलें बैंक तक पहुंचती हैं, उनकी जांच के बाद लोन दिया जाता है। जिनके अभिलेख पूरे नहीं होते हैं, उन्हीं की फाइलों को रद्द किया जाता है। - वीके अरोरा, एलडीएम
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें