क्योलड़िया। मारपीट में घायल महिला को मेडिकल परीक्षण के लिए सीएचसी क्योलड़िया लेकर पहुंची महिला आरक्षी को चिकित्सक ने मेडिकल करने से इन्कार कर दिया। इस मामले में थाना प्रभारी ने रिपोर्ट डीएम को भेजी है। चिकित्सा अधीक्षक ने भी मामले की जांच कराने की बात कही है।
क्षेत्र के गांव कटैया आत्माराम में हुई मारपीट में घायल राम लली पत्नी रामकुमार को पुलिस ने मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल भेजा। उनके साथ आवश्यक दस्तावेज लेकर थाने से एक महिला आरक्षी भी गई। थाना प्रभारी का कहना है कि यहां तैनात महिला चिकित्सक गुंजन ने महिला का मेडिकल करने से ही इन्कार कर दिया।
इसके बाद महिला आरक्षी पीड़िता को लेकर लौट आई। जानकारी थाना प्रभारी राजबली सिंह को दी। उन्होंने मोबाइल फोन पर क्योलड़िया सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोहम्मद मुगीश से बात की। इसके बाद पीड़िता को दोबारा अस्पताल भेजा गया।
आरोप है कि महिला को दोबारा आए देख चिकित्सक ने गुस्से में आकर थाने की ओर से भेजा गया दस्तावेज भेज दिया। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि मामले में जिलाधिकारी के साथ ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र लिखा गया है।
वहीं, डॉ. गुंजन का कहना है कि संबंधित प्रकरण में मेडिकल नवाबगंज सीएचसी पर किया जाता है। महिला के साथ आई आरक्षी को इसकी जानकारी भी दी गई। कागज फेंकने का आरोप गलत है।
वर्जन :
अस्पताल में प्रतिदिन मेडिकल होते हैं। हम बैठे ही उपचार करने के लिए हैं। महिला चिकित्सक ने क्यों मना किया इसके बारे में पता किया जा रहा है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. मुगीश, चिकित्सा अधीक्षक