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भर्ती कराने में देरी से हुई थी संक्रमित महिला की मौत, जांच शुरू

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Corona testing - फोटो : demo photo
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11 सितंबर को जिला अस्पताल में इलाज के लिए पहुंची थी महिला
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अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने सीडीओ को सौंपी मामले की जांच

बरेली। कोरोना संक्रमण की पुष्टि के बाद भी संक्रमितों को कोविड अस्पताल में भर्ती कराने में लापरवाही बरती जा रही है। अनावश्यक देरी से उनकी जान पर बन आ रही है। बीते दिनों जिला अस्पताल में इलाज के लिए आई एक महिला में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद भी उसे कोविड अस्पताल में भर्ती कराने में कई घंटे की देरी की गई। इससे उसकी मौत हो गई। अपर मुख्य सचिव/नोडल अफसर नवनीत सहगल ने वर्चुअल समीक्षा में यह मामला संज्ञान में आने के बाद सीडीओ को जांच सौंपी है।
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नोडल अफसर नवनीत सहगल की ओर से जारी जांच आदेश में कहा गया है कि 11 सितंबर को जिला अस्पताल में इलाज कराने आई महिला जांच में कोरोना संक्रमित पाई गई। डेथ ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, महिला की कोविड जांच सुबह ही हो गई थी। दोपहर 12 बजे उसमें संक्रमण की पुष्टि हो गई, लेकिन उसे तत्काल कोविड अस्पताल में भर्ती नहीं कराया गया। कई घंटे तक महिला को जिला अस्पताल में ही रोके रखा गया। उसे कोई इलाज भी नहीं दिया गया। इससे उसकी अस्पताल में ही मौत हो गई। सीडीओ चंद्र मोहन गर्ग को सीएमएस डॉ. हर्षवर्धन का जवाब तलब करने और मामले की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। नोडल अफसर का कहना है कि यदि महिला को समय पर कोविड अस्पताल में भर्ती कर इलाज शुरू करा दिया जाता तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। इसके अलावा सर्विलांस को और मजबूत करने, सैनिटाइजेशन समेत कोविड प्रोटोकॉल समेत अस्पतालों में पहुंचने वाले मरीजों की तत्काल जांच कराने का निर्देश भी दिए हैं।
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