बरेली। आरटीआई कार्यकर्ता विनोद जोशी को सही सूचना देने के बजाय बिथरी थाने में उनके खिलाफ दी गई तहरीर अब बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) के अफसरों के ही गले की फांस बन गई है। मामले में कोर्ट ने पुलिस से जवाब तलब किया है।
आरटीआई संघ के जिलाध्यक्ष विनोद जोशी ने पिछले दिनों बीडीए से करीब 1.47 करोड़ से ज्यादा रकम निजी आर्किटेक्ट को दिए जाने के बारे में जानकारी मांगी थी। बीडीए ने रुपये देने की बात तो स्वीकार की, लेकिन भुगतान किन कामों के बदले किया गया, यह जानकारी छिपा ली। फिर उन्हें बीडीए कार्यालय बुलाया गया। विनोद ने वादाखिलाफी का आरोप लगाकर संबंधित सवाल-जवाब को सोशल मीडिया पर सार्वजनिक कर दिया।
बीडीए के अधिकारियों ने तहरीर देकर विनोद जोशी पर रिपोर्ट दर्ज कराने का अनुरोध बिथरी थाना प्रभारी से किया। जवाब में विनोद जोशी ने भी तहरीर दे दी। कार्यकर्ता ने कार्रवाई न होने पर सीजेएम कोर्ट में मुकदमे के लिए अर्जी लगा दी। अब कोर्ट ने बिथरी थाना प्रभारी से इस मामले में रिपोर्ट तलब की है। माना जा रहा है कि वित्तीय अनियमितता की स्थिति में बीडीए के अफसरों की दर्जन फंस सकती है। विनोद ने बीडीए उपाध्यक्ष व संयुक्त सचिव समेत कई लोगों को पक्षकार बनाया है।