बरेली। नगर निगम ने अपनी 1400 आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों का किराया सर्किल रेट के आधार पर दस से तीस गुना तक बढ़ा दिया है। किरायेदार इसे मानने के लिए तैयार नहीं हैं, लेकिन नगर निगम अडिग है। नगर निगम के कर्मचारी दो माह से सर्वे कर रहे हैं, जो अब अंतिम दौर में है। अगले माह से किरायेदारों को बढ़े किराये के बिल मिलने लगेंगे।
आंकड़ों के मुताबिक, नगर निगम को परिसंपत्तियों के किराये से प्रतिवर्ष करीब दो करोड़ रुपये की आय होती है। किराये में बढ़ोतरी के बाद इसके दस करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। बढ़े हुए किराये की वसूली अप्रैल 2025 से होगी। इसके लिए किरायेदारों के पास बिल भेजे जाएंगे। अभी तक नगर निगम बिल नहीं भेजता था। सिर्फ रजिस्टर में लिखी दर के आधार पर वसूली होती थी। अब बिल बनाने के लिए एक सॉफ्टवेयर विकसित कराया गया है। उप नगर आयुक्त पूजा त्रिपाठी ने बताया कि पार्षदों ने 28 अप्रैल 2024 को हुई सदन की बैठक में सर्किल रेट के आधार पर किराया तय करने का प्रस्ताव पारित किया था। उसी के आधार पर दरें तय की जा रही हैं। ब्यूरो