बरेली। विधान परिषद की याचिका समिति की समीक्षा बैठक में सभापति ने अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। रिपोर्ट में निर्माण कार्यों के फोटो न लगाने, पूरे हुए कार्यों की रिपोर्ट न देने से कई याचिकाएं लंबित मिलीं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से समन्वय के भी निर्देश दिए।
विकास भवन सभागार में शनिवार को याचिका समिति की बैठक की अध्यक्षता सभापति सत्यपाल सिंह ने की। बीडीए काॅलोनी के निकट स्थित प्रभात नगर रेलवे क्राॅसिंग से पीलीभीत बाइपास तक रोड निर्माण कराने के मामले में पीडब्ल्यूडी के अफसरों ने बताया कि नाथ कॉरिडोर परियोजना के तहत सूद धर्मकांटे से डेलापीर चौराहे तक चौड़ीकरण हो चुका है।
इसकी रिपोर्ट में कार्यों के फोटो संलग्न न होने पर समिति ने नाराजगी जताई। कहा कि याचिका वर्ष 2013 की है। कई बार कार्य हुए, पर समिति को रिपोर्ट न देने से याचिका खारिज नहीं हुई। कार्यशैली में सुधार के निर्देश दिए। हाफिजगंज में 20 किमी क्षतिग्रस्त मार्ग के निर्माण की याचिका पर पीडब्ल्यूडी के अधिकारी ने बताया कि उनके स्वामित्व वाले मार्गों पर सामान्य मरम्मत समेत नवीनीकरण व अन्य योजना से कार्य कराए जा चुके हैं। समिति ने कराए गए कार्यों के फोटो देने के निर्देश दिए। बैठक में समिति के सचिव सर्वेश गुप्ता, अनु सचिव रमेंद्र पटेल, सदस्य डॉ. सुधीर कुमार गुप्ता, जितेंद्र सिंह सेंगर, रजनीकांत माहेश्वरी, विजय बहादुर पाठक, समीक्षा अधिकारी अजय कुमार मौर्य, प्रतिवेदक रामप्रकाश पाल, एमएलसी बहोरन लाल मौर्य, कुंवर महाराज सिंह मौजूद रहे। ब्यूरो