शव के पास कुल्हाड़ी भी मिलने की चर्चा, फॉरेंसिक एक्सपर्ट ने जुटाए सुराग
बिथरी चैनपुर। बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र के गांव आलमपुर गजरौला में सात दिन से लापता बुजुर्ग का शव शनिवार को कई टुकड़ों में खेत में पड़ा मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की। फॉरेंसिक एक्सपर्ट ने भी सुराग जुटाए। मौके पर कुल्हाड़ी मिलने की भी चर्चा है, लेकिन पुलिस इससे इन्कार कर रही है।
गांव आलमपुर गजरौला निवासी मेवाराम ने बताया कि उनके बड़े भाई 70 वर्षीय लेखराज ने शादी नहीं की थी। वह उनके साथ ही रहते थे। 27 सितंबर को लेखराज जानवर चराने के लिए निकले थे। शाम को जानवर तो वापस आ गए, लेकिन लेखराज नहीं लौटे। काफी तलाश करने पर भी उनका कोई सुराग नहीं लगने पर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। शनिवार दोपहर बाद गांव के लोगों से पता लगा कि लेखराज का शव खेत में पड़ा है। उन्होंने पुलिस को सूचना दी और मौके पर पहुंचे। वहां लेखराज का सिर, पैर और धड़ अलग-अलग पड़े थे।
इंस्पेक्टर चंद्र प्रकाश शुक्ला का कहना है कि शव पांच-छह दिन पुराना प्रतीत हो रहा है। संभवत: जंगली जानवरों के नोचने से शव के टुकड़े हुए होंगे। पोस्टमाॅर्टम रविवार को कराया जाएगा। उन्होंने मौके से कुल्हाड़ी बरामद होने की बात से इन्कार किया और हर पहलू पर जांच की बात कही। संवाद
दो भाई, दो बीघा जमीन, रंजिश किसी से नहीं
मृतक लेखराज के भाई मेवाराम ग्राम प्रधान क्यामुद्दीन व गांव के लोगों का कहना है कि लेखराज की किसी से कोई रंजिश नहीं थी। दोनों भाइयों के पास महज दो बीघा जमीन है। मेहनत-मजदूरी और इसी जमीन से परिवार का गुजारा होता है। लेखराज शराब आदि का कोई शौक भी नहीं करते थे। उनकी जमीन भी मेवाराम ही करते थे। ऐसे में उनकी हत्या को लेकर सवाल उठ रहे हैं।