ममरी। गांव खोखाय स्थित श्रीहनुमान मंदिर में आयोजित श्रीमद्भगवत कथा के चौथे दिन मंगलवार को व्यास ने धनुष भंग का प्रसंग सुनाया। इस दौरान श्रोता आनंदित हो उठे।
व्यास ने बताया कि ताड़का का वध करने के बाद श्रीराम और लक्ष्मण ऋषि विश्वामित्र के साथ सीता के स्वयंवर में जनकपुरी गए। वहां राजा जनक की शर्त के अनुसार कई राजाओं ने शिव धनुष को उठाने का प्रयास किया, लेकिन हिला तक नहीं सके। इससे जनक निराश हो गए। यह देखकर ऋषि विश्वामित्र ने श्रीराम को प्रतिभाग करने के लिए कहा। श्रीराम के प्रत्यंचा चढ़ाते ही धनुष भंग हो गया।
पुजारी नारायण दास, राजू, राम मूर्ति सहित गांव सहुआपुर, रामपुर और खोखाय मौजूद रहे। संवाद