बरेली। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि देश के ज्यादातर मुसलमान परिवर्तित हैं। उनके पूर्वज हिंदू, बौद्ध या दूसरे धर्म के थे। अरब से कुछ ही मुसलमान यहां तिजारत करने आए थे। उन्होंने ऊंच-नीच का भेदभाव खत्म कर इस्लाम का प्रचार-प्रसार शुरू किया। इससे प्रभावित होकर यहां के लोगों ने इस्लाम कुबूल कर लिया। आज भारत के करोड़ों मुसलमान उन्हीं लोगों के परिवार हैं। ये कैसे मुमकिन है कि इतनी बड़ी तादाद में अरब से मुसलमान भारत आते?
मध्य प्रदेश के आईएएस अधिकारी नियाज अहमद के सोशल मीडिया पर जारी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मौलाना ने कहा कि भारत का मुसलमान अरब के लोगों को अपना रहनुमा या मार्गदर्शक नहीं मानता है। हमारे रहनुमा पैगंबर-ए-इस्लाम हैं। उनके बताए गए उसूल (शरीयत) हमारे लिए इस्लामी कानून हैं। यहां का मुसलमान देश के कानून के साथ ही साथ शरीयत पर भी अमल करता है। संवाद