बरेली। लोक निर्माण विभाग बदायूं के निर्माण खंड दो के सहायक और अवर अभियंताओं की ओर से सामूहिक तबादले किए जाने की मांग उठाए जाने का मामला शासन तक पहुंचा तो मुख्य अभियंता ने जांच शुरू करा दी। अभियंताओं के संगठन की ओर से लगाए गए आरोपों पर अधीक्षण अभियंता केके सिंह ने जांच शुरू कर दी है।
बदायूं के सहायक और अवर अभियंताओं ने 13 मार्च को धरना देकर प्रदर्शन देते हुए सामूहिक तबादले की मांग उठाई थी। लोक निर्माण विभाग के राज्यमंत्री बृजेश सिंह ने रविवार को बरेली में समीक्षा बैठक के दौरान इस स्थिति को अनुचित करार दिया था और मुख्य अभियंता से जवाब मांगा था। इसी मामले में मुख्य अभियंता ने सोमवार को अधीक्षण अभियंता से कहा कि जांच पूरी करके जल्दी से जल्दी रिपोर्ट दें, ताकि शासन को अवगत कराया जा सके। अधीक्षण अभियंता केके सिंह ने बदायूं के अधिशासी अभियंता से टेंडर संबंधी रिकाॅर्ड तलब किया है। अभियंताओं का आरोप था कि बिसौली और सदर क्षेत्र के जनप्रतिनिधि ज्यादातर ऐसे मामलों में वे टेस्ट एप्लीकेशन कंपोनेंट्स (टीएसी) जांच की संस्तुति करते हैं, जिनमें ठेकेदारों उनके उनके करीबी नहीं हैं। टीएसी जांच से कार्य प्रभावित होने का हवाला देते हुए कहा था कि अगर किसी को दिक्कत है तो उन सभी अभियंताओं का एक साथ स्थानांतरण कर दिया जाए। यह मामला विभाग में चर्चा का विषय है। शासन ने संज्ञान लिया है। रिपोर्ट शासन तक जाएगी।
निर्माण खंड में अगस्त से नहीं है कोई अधिशासी अभियंता
निर्माण खंड दो में अगस्त 2024 से अधिशासी अभियंता नहीं हैं। प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता नरेश कुमार के पास अतिरिक्त कार्यभार है। मुख्य अभियंता ने अधिशासी अभियंता की नियुक्ति का आग्रह शासन से किया है। साथ ही बदायूं के अभियंताओं के मामले में उनके ज्ञापन के आधार पर सभी आरोपों की बिंदुवार जांच के आदेश दिए हैं। ब्यूरो