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Bareilly News: एक दिन में दस हजार यात्री, सुविधाओं के नाम पर 60 कुर्सी और 13 पंखे

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बरेली। रुहेलखंड डिपो के सेटेलाइट बस स्टैंड पर करीब एक दशक से यात्री सुविधाओं में इजाफा नहीं हुआ है। एक दशक में सेटेलाइट पर बसों से आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या तो दोगुनी से ज्यादा हो गई, लेकिन सुविधाओं के नाम पर अब भी यहां टिनशेड में 60 कुर्सी और 13 पंखे की हैं। बस स्टैंड पर यात्रियों का दबाव बढ़ने की दशा में यात्रियों को फर्श पर बैठना होता है। गर्मियों में यह 13 पंखे भी नाकाफी साबित होते हैं।
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रोडवेज बसों में किराया कहीं ज्यादा है।
फरवरी के पहले सप्ताह ही रोडवेज ने किराये में भारी-भरकम इजाफा किया था। उस समय दावा किया गया था कि नई बसों के संचालन के साथ बस स्टैंडों पर यात्री सुविधाओं को भी बेहतर बनाया जाएगा। अब तक यात्री सुविधाओं को लेकर कोई काम नहीं हुआ है। हालांकि, पिछले कुछ दिनों से जिम्मेदार बस स्टैंड परिसर में साफ-सफाई पर जरूर ध्यान दे रहे हैं। बढ़ते तापमान के बीच बस स्टैंड पर शीतल और शुद्ध जल मुहैया कराने की ओर अब तक ध्यान नहीं गया है। सेटेलाइट से रुहेलखंड डिपो की 133 बसों के अलावा हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड की बसों का भी संचालन होता है। यहां सामान्य दिनों में औसतन रोजाना 10 से 12 हजार यात्री आते-जाते हैं।
बस स्टैंड पर सुविधाओं का अभाव होने के कारण यात्रियों को समस्याओं से दो-चार होना पड़ता है। त्योहार के सीजन में यात्रियों का रोडवेज पर काफी दबाव बढ़ जाता है। कई बसें देर रात बरेली पहुंचती हैं। यहां से यात्रियों को अपने गंतव्य के लिए लोकल रूटों पर लिंक सेवा नहीं मिल पाती। ऐसे में बस स्टैंड कुर्सियों, बेंच समेत अन्य सुविधाओं का अभाव होने से रात काटना मुश्किल हो जाता है।
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बस स्टैंड परिसर में पेयजल मुहैया कराने की आई याद
बरेली डिपो के पुराने बस स्टैंड के टिनशेड में यात्रियों के लिए पेयजल तक मयस्सर नहीं था। परिसर में स्टेशन इंचार्ज कार्यालय के पास लगे एक इंडिया मार्क हैंडपंप पर ही पेयजल के लिए निर्भरता थी। टिनशेड के भीतर लगे दो निगम के और एक सरकारी प्याऊ महीनों से सूखे पड़े थे। हालांकि, अब टिनशेड में लगे प्याऊ चालू करा दिए गए हैं। दूसरी ओर टिनशेड में एक निजी फर्म और स्टेशन इंचार्ज कार्यालय के बाहर रोटरी के सहयोग से लगा शीतल जल के प्याऊ अब भी खराब पड़े हैं। ऐसे में शीतल जल की अब तक व्यवस्था नहीं हो सकी है।

रात में प्रकाश की व्यवस्था भी बदहाल
पुराने बस स्टैंड परिसर में रात के समय प्रकाश व्यवस्था भी बदहाल है। कई रूटों पर यहां शाम पांच बजे के बाद बसें भी नहीं मिलतीं। हालांकि, अधिकारियों का दावा है कि होली के मद्देनजर रोड पर ज्यादा बसें हैं। जिस रूट पर भी यात्रियों को दबाव होता है उसी पर बस को भेजा जा रहा है। दूसरी ओर पुराने बस स्टैंड के दोनों मुख्य द्वारों के बाहर हाईमास्ट लाइट नहीं लगी हैं। इस कारण यहां रात में अंधेरा हो जाता है। परिसर के भीतर भी रात के समय बेहतर प्रकाश व्यवस्था की अधिकारियों को याद नहीं आई है।

वर्जन
व्यवस्थाएं पूरी तरह से दुरुस्त हैं। अगर कहीं पर कमियां सामने आ रही हैं उनको भी दूर कराया जा रहा है। किसी रोड पर या बस स्टैंड परिसर में यात्रियों को कतई समस्या नहीं होने दी जाएगी। दोनों बस स्टैंड पर पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था है।
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- दीपक चौधरी, आरएम
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