बरेली। पांच लाख रुपये की रिश्वतखोरी के मामले में एसडीएम की जांच रिपोर्ट पर एडीएम प्रशासन ने तहसीलदार सदर के अर्दली अबरार अहमद को निलंबित कर दिया है।
रिश्वतखोरी के इस प्रकरण में तहसील सदर कार्यालय के स्टाफ के साथ बृहस्पतिवार को मारपीट हुई थी। रामेश्वरधाम कॉलोनी निवासी प्रदीप यादव ने आरोप लगाया था कि रिश्वत लेने के बावजूद उसका काम नहीं किया गया। प्रदीप को मारपीट के आरोप में जेल भेजे जाने के बाद रिश्वत लेने के मामले में डीएम ने एसडीएम सदर को जांच सौंपी थी। शुक्रवार को एसडीएम ने तहसीलदार सदर के अर्दली अबरार से जवाब मांगा था। यह भी पूछा था कि वायरल वीडियो कब और कहां बनाई गई और आरोपी से रकम क्यों ली गई।
अर्दली को जवाब देने के लिए 24 घंटे दिए गए थे लेकिन यह वक्त गुजरने के बाद भी उसने कोई जवाब नहीं सौंपा। लिहाजा एसडीएम सदर कुमार धर्मेंद्र ने अपनी रिपोर्ट ऊपर बढ़ा दी। इसके बाद एडीएम प्रशासन ने अर्दली को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया। अर्दली के निलंबन की संस्तुति तहसीलदार शेर बहादुर सिंह भी पहले ही कर चुके थे।
मारपीट के बाद वायरल हुआ वीडियो
बृहस्पतिवार सुबह करीब 11 बजे तहसीलदार कार्यालय में प्रदीप यादव नाम के व्यक्ति ने उनके स्टाफ के साथ मारपीट की थी। आरोप था कि भूमाफिया के कब्जे से जमीन मुक्त कराने के बदले अर्दली ने अधिकारियों को देने के लिए पांच लाख की रिश्वत मांगी थी। बतौर एडवांस रुपये देते, गिनते हुए अर्दली का वीडियो बनाया था। फिर क ाम न होने पर विरोध करने पर स्टाफ ने तहसीलदार के कार्यालय में उसे पीटा। आरोपी ने एक वीडियो वायरल किया, इसमें अर्दली उससे नोट लेकर उन्हें गिनता दिखाई दे रहा है। प्रकरण की जांच एसडीएम कर रहे हैं। तहसीलदार के पेशकार की तहरीर पर प्रदीप के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने उसे हिरासत में लिया है।