बरेली के रिठौरा में बंदरों के उत्पात से लोग परेशान हैं। आए दिन हमले की घटनाएं हो रही हैं। शुक्रवार को सुबह किशोर की मौत हो गई। वह बहन को बंदरों से बचाने के लिए छत पर चढ़ा था। तभी बंदरों की घुड़की से डरकर नीचे गिर गया था।
बरेली के रिठौरा के मोहल्ला इंद्रपुरी में बंदरों से बहन को बचाने के लिए छत पर चढ़े किशोर उतरते समय सीढ़ी से गिर गया, जिससे उसकी हो गई। घरवालों ने बताया कि बंदर की घुड़की से डरकर सीढ़ी से उसका पैर फिसल गया। उन्होंने शिकायत के बाद भी नगर पंचायत प्रशासन पर बंदरों को न पकड़ने का आरोप लगाया है।
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मोहल्ला इंद्रपुरी निवासी टीटू वाल्मीकि की बेटी शालिनी शुक्रवार को सुबह के समय छत पर खेल रही थी। अचानक से वहां कई बंदर आ गया। इस पर शालिनी चिल्लाने लगी। बहन को बंदरों से बचाने के लिए आदर्श (16) छत पर पहुंचा। पहले उसने बहन को नीचे उतारा। खुद नीचे आते समय बंदर की घुड़की से डरकर उसका पैर फिसल गया।
सिर के बल फर्श पर गिरने से उसके सिर में गंभीर चोट आई। बेटे के सिर से खून बहता देख मां सुधा ने चिल्लाकर आसपास के लोगों को इकठ्ठा किया। उपचार के लिए अस्पताल ले जाते समय आदर्श की मौत हो गई।
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। टीटू के पांच बच्चों में आदर्श सबसे बड़ा था। हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कस्बे में बंदरों का आतंक है। उत्पाती बंदर आए दिन लोगों पर हमला करके उन्हें घायल कर देते हैं। शिकायत के बाद भी इन्हें पकड़ा नहीं जा रहा।