बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग विभाग में छात्र-छात्राओं को तकनीक से जोड़ने के लिए तकनीकी वर्कशॉप शुरू हो गई हैं। इन कार्यशालाओं को विश्वविद्यालय में प्रवेश संख्या बढ़ाने के एक सकारात्मक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। इसी सत्र से बीटेक एआई कोर्स भी एक अलग इमारत में शुरू होने जा रहा है।
फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी की डीन अर्चना गुप्ता ने बताया कि 20 जून से पहले 11 वर्कशॉप आयोजित की जाएंगी। इनमें 9वीं से 12वीं और बीएससी के विद्यार्थी विशेष रुचि दिखा रहे हैं। इन निशुल्क वर्कशॉप में आसपास के ग्रामीण इलाकों से 240 पंजीकरण हुए हैं। विद्यार्थियों को प्रयोगशालाओं में तकनीकी गतिविधियां सिखाई जा रही हैं। इंजीनियरिंग में बीएससी या डिप्लोमा के बाद लेटरल एंट्री का भी प्रावधान है। बीटेक एआई के लिए सीएसआईटी विभाग के पीछे खाली पड़ी इमारत चिह्नित की गई है। एआईसीटीई के मानकों के अनुसार इस कोर्स में 60 सीटें निर्धारित की गई हैं। हालांकि, विश्वविद्यालय के विधि विभाग में नए कॉर्पोरेट लॉ कोर्स शुरू करने की योजना जगह की कमी के कारण अटकी हुई है। राज्यपाल से 2021 में बीबीएएलएलबी और बीकॉमएलएलबी शुरू करने की अनुमति मिल चुकी है।
विश्वविद्यालय का लक्ष्य इन समर वर्कशॉप के माध्यम से इंजीनियरिंग कोर्स में प्रवेश बढ़ाना है। ये कार्यशालाएं विद्यार्थियों को तकनीक के प्रति प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। डीन अर्चना गुप्ता ने बताया कि विद्यार्थी इनमें खास रुचि दिखा रहे हैं। इन प्रयासों से विश्वविद्यालय में छात्रों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
विधि विभाग विश्वविद्यालय का दूसरा सबसे बड़ा विभाग है, जिसमें 450 विद्यार्थी एलएलएम पाठ्यक्रम में पंजीकृत हैं। विभाग लंबे समय से पांच वर्षीय कॉर्पोरेट लॉ कोर्स शुरू करना चाहता है। पर्याप्त जगह न मिलने के कारण यह योजना ठंडे बस्ते में है। विभागाध्यक्ष अमित सिंह ने कहा कि वे सही जगह मिलने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं। वर्तमान में कॉर्पोरेट लॉ कोर्स की बड़ी मांग है।