परिसर में कुछ और कैमरे लगाए गए, पिंजड़े की जगह भी बदली
बरेली। एयरफोर्स परिसर में घुसे तेंदुए को वन विभाग की टीम 15 दिन से ज्यादा वक्त बीत जाने के बाद भी तलाश नहीं सकी है। अब दुधवा से वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया (डब्ल्यूटीआई) की टीम बरेली पहुंची है। उसने एयरफोर्स परिसर में तेंदुआ की तलाशने के लिए सेंसर कैमरों की संख्या बढ़ा दी है। पिंजड़े की जगह भी बदल दी है। टीम के निर्देश पर वन विभाग के अधिकारियों ने भी प्लानिंग में कुछ बदलाव किया हैै। अफसरों की उम्मीद है कि तेंदुआ अगर एयरफोर्स परिसर में अब तक है तो उसका जल्द पता चल जाएगा। हालांकि शनिवार को डब्ल्यूटीआई टीम की गश्त में तेंदुआ की कोई हरकत सामने नहीं आई।
एयरफोर्स बाउंड्री के पास गायत्रीनगर में 11 नवंबर को तेंदुआ आ गया था। लोगों के शोर मचाने से घबराया तेंदुआ बाउंड्री फांदकर एयरफोर्स परिसर में घुस गया था। इसके बाद से ही वन विभाग की टीम तेंदुए को पकड़ने के लिए मशक्कत कर रही है। वन विभाग ने दिन रात निगरानी के लिए टीमें गठित कर दी हैं। डीएफओ भरत लाल ने कई बार प्लानिंग भी बदली। पीलीभीत टाइगर रिजर्व से सेंसर कैमरे भी मंगवाए, लेकिन विशाल क्षेत्रफल वाले एयरफोर्स परिसर में घनी झाड़ियों के कारण तेंदुए का कोई पता नहीं लग सका। मुख्य वन संरक्षक ललित कुमार वर्मा ने अब दुधवा से डब्ल्यूटीआई की टीम को तेंदुआ की तलाश करने के लिए बुलाया है। वन्य जीव विशेषज्ञ डॉ. प्रेमचंद्र पांडेय के नेतृत्व में टीम शनिवार को बरेली पहुंच गई। इसमें वन्य जीव विशेषज्ञ डॉ. दक्ष गंगवार भी शामिल हैं।
एयरफोर्स परिसर में घुसे तेंदुए को पकड़ने के लिए डब्ल्यूटीआई की टीम ने एयरफोर्स परिसर में पहुंचकर गश्त की। साथ ही प्लानिंग में भी कुछ बदलाव किया है। इसके जल्द परिणाम सामने आने की संभावना है। - ललित कुमार वर्मा, मुख्य वन्य संरक्षक