वर्ष 1994 में बरेली कॉलेज की शिक्षिकाओं ने किया था गठन
बरेली। बरेली कॉलेज की शिक्षिकाएं 31 वर्षों से संस्कृति क्लब के जरिये एक-दूसरे का सुख-दुख बांट रही हैं। हालांकि, हाल के वर्षों में उनकी व्यस्तता बढ़ने से क्लब की गतिविधियां सीमित हुई हैं। क्लब की बैठक के लिए कोई निश्चित स्थान भी नहीं है।
अनौपचारिक संस्कृति क्लब का गठन बरेली कॉलेज की शिक्षिकाओं के लिए वर्ष 1994 में किया गया था। तब कॉलेज में 180 शिक्षकों के सापेक्ष सिर्फ 25 शिक्षिकाएं थीं। इसलिए शिक्षिकाओं के आपस में घुलने-मिलने के लिए इस क्लब को माध्यम बनाया गया था। समय-समय पर डॉक्टर, पुलिस अधिकारी या योग प्रशिक्षक को बुलाकर महिलाओं को अलग-अलग विषयों पर जागरूक किया जाता रहा। शुक्रवार को क्लब की बैठक होती थी।
क्लब की सदस्य डॉ. रितु अग्रवाल ने बताया कि इसका उद्देश्य कभी भी राजनीतिक या औपचारिक नहीं रहा। सांख्यिकी विभाग की डॉ. शुभ्रा ने बताया कि व्यस्तता की वजह से बीते एक वर्ष से नियमित बैठकें नहीं हो पा रही थीं। फिर छह माह में एक बार बैठक होने लगी। वर्तमान में व्यवस्थापक डॉ. हेमा, डॉ. मीनाक्षी, डॉ. शैव्या, डॉ. आभा अग्रवाल क्लब में शामिल हैं। डॉ. नीलम ने बताया कि महिलाओं में मेलजोल बढ़ाने के लिए छोटे-बड़े गेम्स होते थे। सेवानिवृत्त शिक्षिकाओं को आयोजनों में बुलाया जाता था। संवाद