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Bareilly News: बिजली निगम में 67 लाख के घपले की जांच करेगी चार सदस्यों की कमेटी

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बरेली। बिजली बिलों को संशोधित करने के बहाने 67 लाख रुपये की हेराफेरी के मामले की जांच के लिए मध्यांचल विद्युत वितरण निगम की एमडी रिया केजरीवाल ने चार सदस्यों की कमेटी गठित कर दी है। जांच टीम का नेतृत्व मुख्यालय से संबद्ध मुख्य अभियंता राम नरेश करेंगे। जांच कमेटी के सोमवार को बरेली आने की बात कही जा रही है।
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वर्टिकल व्यवस्था शुरू होने से पहले शहर में बिजली बिलों में संशोधन के नाम पर घपलेबाजी की गई। अधीक्षण अभियंता ब्रह्मपाल ने मामले को पकड़ा था। जांच की गई तो पता लगा कि तत्कालीन अधिशासी अभियंता अनुज गुप्ता के कार्यकाल के नौ मामलों में 17.34 लाख रुपये और अधिशासी अभियंता सुरेंद्र गौतम के कार्यकाल में 135 बिलों के संशोधन में 49.67 रुपये समायोजित कर खेल कर दिया गया। इससे बिजली निगम को राजस्व की क्षति हुई। अधीक्षण अभियंता ने इस संबंध में मुख्य अभियंता को पत्र लिखकर प्रकरण से अवगत कराया। मुख्य अभियंता ने मुख्यालय को लिखते हुए विस्तृत जांच की संस्तुति की थी।
जिन बिलों की राशि को मनमाने ढंग से समायोजित किया गया, उनमें ज्यादातर औद्योगिक इकाइयों के थे। प्रारंभिक जांच में लेखा विभाग के एक अधिकारी, दो लिपिक और एक कंप्यूटर ऑपरेटर का नाम आ रहा है। संवाद
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अप्रैल में सामने आया था 30 लाख का घोटाला
अप्रैल 2025 में 26 उपभोक्ताओं के फर्जी बैंक चेक के जरिये 30 लाख रुपये के बिजली बिल जमा करने का मामला भी सामने आ चुका है। इस प्रकरण में भी जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है। कैशियर फर्जी बैंक चेकों के जरिये बिल जमा कर उपभोक्ताओं को पक्की रसीद देता रहा। बैंक से जब चेक वापस आए तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ था। विभागीय जांच के बाद कैशियर को निलंबित कर दिया गया। अन्य किसी पर गाज नहीं गिरी। इस मामले में गबन की रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी।
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