राखी गंगवार ने बताया कि उन्होंने स्कूल परिसर में ही सेनेटरी पैड बैंक बनाया है। मदर्स डे पर इसकी शुरुआत की थी। अब गांव की छात्राओं, उनकी मांओं और अन्य जरूरतमंद महिलाओं को हर महीने सेनेटरी पैड निशुल्क दिए जा रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्र की छात्राएं और उनकी माताएं मासिक धर्म के दौरान सेनेटरी पैड का उपयोग नहीं कर पातीं...। यह बात बरेली के भदपुरा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय बौरैया की शिक्षिका राखी गंगवार को पता चली तो वह थोड़ा विचलित हुईं। कारण पता किया तो मालूम पड़ा कि इसकी वजह आर्थिक तंगी और जागरूकता की कमी है।
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इस पर उन्होंने न सिर्फ छात्राओं और उनकी माताओं को स्वच्छता की अहमियत बताई, बल्कि उनके पिछड़ेपन का दाग मिटाया और हर महीने सेनेटरी पैड निशुल्क उपलब्ध कराने का बीड़ा भी उठाया। राखी अब क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं।
राखी गंगवार ने बताया कि उन्होंने स्कूल परिसर में ही सेनेटरी पैड बैंक बनाया है। मदर्स डे पर इसकी शुरुआत की थी। अब गांव की छात्राओं, उनकी मांओं और अन्य जरूरतमंद महिलाओं को हर महीने सेनेटरी पैड निशुल्क दिए जा रहे हैं। इसकी शुरुआत तो उन्होंने खुद की, पर अब सहकर्मी और अन्य सामाजिक संस्थाएं भी इस काम में सहयोग कर रही हैं।
शिक्षिका ने बताया कि उन्हें किशोरियों से ही पता चला कि वे मासिक धर्म के दौरान खराब कपड़ों का इस्तेमाल करती हैं। तब लगा कि यह उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इससे होने वाले नुकसान को बताने और जागरूक करने के लिए कार्यशाला लगाई गई। कार्यशाला में पता चला कि उनकी आर्थिक तंगी ही इसके पीछे की प्रमुख वजह है। इसके बाद उन्होंने इस परेशानी को दूर करने का जिम्मा उठाया।
तैयार नहीं थीं महिलाएं, करानी पड़ी काउंसलिंग
पैड बैंक की स्थापना करने के बाद छात्राओं की मांओं व गांव की अन्य महिलाओं को बुलाया गया। पता चला कि 90 फीसदी महिलाएं ऐसी हैं, जिन्होंने सेनेटरी पैड का इस्तेमाल कभी नहीं किया। इन्हें पैड के इस्तेमाल के लिए प्रेरित किया गया तो आधे से अधिक महिलाओं ने इनकार कर दिया। तमाम तो इसकी भ्रांतियां बताने लगीं।
महिलाओं का तर्क था कि पैड के प्रयोग से वह बीमार हो जाएंगी। शिक्षिका ने उन्हें समझाया और न समझने पर सभी महिलाओं की काउंसलिंग महिला रोग विशेषज्ञ डॉ चित्रांगदा से कराई। उन्होंने सभी महिलाओं से बात की और उनके हर सवाल का जवाब दिया। इसके बाद महिलाएं तैयार हुईं। राखी गंगवार ने उन्हें आश्वस्त किया कि पैड उन्हें हर माह निशुल्क मिलेगा।
शिक्षिका राखी गंगवार ने बताया कि बतौर शिक्षिका यह मेरा दायित्व है कि जिस क्षेत्र में तैनात हूं, वहां की महिलाओं को उनके स्वास्थ्य से जुड़े अहम मुद्दे को लेकर जागरूक करूं। इस सोच के साथ यह कदम उठाया है। जब तक मुझसे बन पड़ेगा, प्रयास करती रहूंगी।