बाजार में बिकते मेवा के गिफ्ट पैक।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
35 प्रतिशत बढ़ा कारोबार, होली पर 15 करोड़ से ज्यादा के कारोबार की उम्मीद
बरेली। होली पर मुनाफाखोरों ने बड़े पैमाने पर मिलावटी मावा, नमकीन और मिठाई बाजार में उतार दी है। इससे बचने के लिए लोग अब मेवा (ड्राई फ्रूट्स) की ओर आकर्षित होने लगे हैं। व्यापारी बताते हैं कि पिछले साल के मुकाबले इस बार मेवा की 35 प्रतिशत से ज्यादा मांग बढ़ी है। अबकी होली पर 15 करोड़ से ज्यादा का कारोबार होने की उम्मीद है।
नमकीन, मावा और मिठाई पर से विश्वास उठने के बाद लोगों का रुझान वैकल्पिक तौर पर ड्राईफ्रूट्स की ओर हो गया है। प्रमुख ड्राई फ्रूट्स विक्रेताओं का कहना है कि पिछले साल बमुश्किल 10 करोड़ का कारोबार हुआ था, लेकिन इस बार 15 करोड़ से ज्यादा का कारोबार होने का अनुमान। यानी एक तिहाई ज्यादा व्यापार होगा। उनका कहना है कि मेवा में कोई मिलावट संभव नहीं है। होली पर गुझिया का उपयोग ज्यादा होता है, क्योंकि यह त्योहार रंग और गुझिया का ही माना जाता है। जब लोगों को यह पता चला कि मावा आदि में मिलावट ज्यादा है और नकली मावा बाजार में बड़ी मात्रा में खपाया गया है तो गुझिया का रंग ही उतर गया है। ऐसे में मांग में कमी स्वाभाविक है। लिहाजा ग्राहक ड्राईफ्रूट्स को तरजीह दे रहे हैं। इसके गिफ्ट पैक भी ज्यादा महंगे नहीं हैं। पांच सौ रुपये तक कीमत में कई तरह की मेवा बेहतर पैकिंग में उपलब्ध है। गिफ्ट पैक की रेंज तीन हजार रुपये तक है।
नमकीन, मावा, मिठाई आदि में ज्यादा मिलावटखोरी होने से मेवा बाजार में 35 प्रतिशत से ज्यादा उछाल आया है। ग्राहक के बजट के अनुरूप पैकिंग के अलावा खुले ड्राई फ्रूट्स उपलब्ध हैं। - संजय आनंद, मेवा कारोबारी