लोकेटर गिरोह में ट्रांसपोर्टर भी शामिल
ओवरलोड वाहनों को जिले की सीमा से पास कराने वाले लोकेटरों के गिरोह में कई ट्रांसपोर्टरों और परिवहन विभाग के कर्मचारियों के भी शामिल होने की बात सामने आई है। विभागीय स्तर पर इसकी जांच शुरू कर दी गई है। गिरोह का खुलासा जून 2023 में तत्कालीन एआरटीओ प्रवर्तन संदीप जायसवाल पर चेकिंग के दौरान कातिलाना हमले के बाद हुआ था, लेकिन जिम्मेदारों ने गिरोह पर कड़ी कार्रवाई नहीं की। नतीजा, गिरोह फिर सक्रिय हो गया।
प्रवर्तन टीमों की रेकी कर जुटाते हैं पल-पल की सूचना
लोकेटर गिरोह के गुर्गे परिवहन और खनन विभाग के अधिकारियों व प्रवर्तन टीमों की रेकी कर पल-पल की सूचना जुटाते हैं। बुधवार को गिरोह और उसमें शामिल ट्रांसपोर्टरों के पास प्रवर्तन टीमों की लोकेशन नहीं थी। ऐसे में उत्तराखंड की सीमा से बहेड़ी होते हुए 100 से ज्यादा ओवरलोड ट्रकों और डंपरों को बरेली की सीमा में प्रवेश करा दिया गया। पकड़े गए वाहनों में लोकेटरों की तीन कारें भी शामिल हैं। इनमें से दो कारें एक ट्रांसपोर्टर की बताई जा रही हैं।
उप परिवहन आयुक्त केपी गुप्ता ने बताया कि अवैध खनन, ओवरलोडिंग और प्रवर्तन टीम पर हमले के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी है। परिवहन, खनन विभाग और पुलिस की टीमें अपने-अपने स्तर पर सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं।
डीएम ने उत्तराखंड के अफसरों को लिखे पत्र, असर नहीं
उत्तराखंड से यूपी में उपखनिजों के अवैध परिवहन को रोकने के लिए डीएम ने दो बार ऊधमसिंह नगर के अधिकारियों को पत्र लिखे पर नतीजा कुछ नहीं निकला। इसके बाद स्थानीय स्तर पर सख्ती बढ़ाई है। बुधवार को हुई कार्रवाई के बाद उपखनिजों से ओवरलोड ट्रकों-डंपरों की आवाजाही में कमी आई है।
बीते साल अप्रैल से दिसंबर तक 399 ट्रकों-डंपरों के विरुद्ध कार्रवाई कर 2.68 करोड़ रुपये जुर्माना वसूला गया है। डीएम अविनाश सिंह ने ऊधमसिंह नगर के जिलाधिकारी को पहला पत्र 21 जुलाई 2025 को और दूसरा पत्र अक्तूबर में लिखा था। इसमें उपखनिजों के अवैध परिवहन और कार्रवाई की जानकारी दी थी। विशेष सचिव के पत्र का हवाला देते हुए उपखनिजों के अवैध परिवहन पर रोक लगाने की बात लिखी थी। इसके बावजूद इस अवैध धंधे को रोकने के लिए कोई पहल नहीं की गई।