बरेली। जिले के कई विद्यालयों में नया शैक्षिक सत्र 2024-25 सोमवार से शुरु हो रहा है। विद्यालय में बच्चे किताबों के साथ पहुंचें इसके लिए अभिभावक रविवार को पूरे दिन दुकानों पर जुटे रहे। इस दौरान अधिकांश दुकानदारों ने किताबों का पूरा सेट देने की ही बात कही। एक या दो किताबें मांगने पर अभिभावकों को नहीं मिलीं। ऐसे में जिन अभिभावकों का बजट कम था या जिनके पास कुछ किताबें पहले से थीं, उन्हें खाली हाथ वापस लौटना पड़ा।
विद्यालयों की पसंद की दुकानों से किताबें लेना अभिभावकों की मजबूरी नजर आई। क्योंकि चिह्नित दुकानों के अलावा अन्य दुकानों पर किताबें नहीं मिल रही हैं। फुटकर में किताबें मांगने पर बाद में आने की बात कहकर अभिभावकों को वापस किया जा रहा है। इज्जतनगर निवासी परवेज अहमद के दोनों बच्चे शहर के नामचीन विद्यालय में पढ़ते हैं। स्कूल की ओर से पुस्तकों की सूची थमाई गई थी। रविवार को वह कोतवाली स्थित किताबों के बाजार गए। काफी देर लाइन में लगने के बाद उनका नंबर आया। कुछ किताबें पहले से होने पर उन्होंने दुकानदार से शेष पुस्तकें ही देने की बात कही, जिस पर उन्हें पांच तारीख को आने के लिए कहा गया। परवेज ने बताया कि दुकान पर पूरा सेट ही दिया जा रहा है। उनके पास कक्षा छह की कंप्यूटर एक्सरसाइज, ड्रॉइंग और प्रैक्टिकल की पुस्तकें पहले से थीं। ऐसे में शेष किताबें ही देने की बात कही, जिसे दुकानदार ने बाद में देने की बात कहकर टाल दिया। वहीं दूसरे बच्चे की किताबों के लिए भी पांच तारीख को आने के लिए कहा है। क्योंकि एनसीईआरटी की नौ किताबें लिखी थीं और वह प्रकाशन प्रक्रिया में होने के कारण नहीं मिल सकीं। उन्होंने कहा कि सोमवार से सत्र शुरु हो जाएगा, ऐसे में बच्चों को किताबें दिलाने के लिए दोबारा इतनी दूर आना पड़ेगा। उधर, पुस्तक विक्रेेताओं का कहना है कि किताबों का सेट बनाया गया है। अगर फुटकर में देंगे तो अपेक्षाकृत अधिक समय लगेगा। इसलिए बाद में देने के लिए कहा जा रहा है।
बच्चे के लिए नर्सरी कक्षा की किताबें लेने आए थे। पाठ्यक्रम की कुछ किताबें लेनी थीं, जिस पर दुकानदार ने तीन तारीख को आने की बात कही है।
सचिन कुमार, पुराना शहर
किताबें पहले से महंगी हो गई हैं। दूसरी कक्षा की कुछ किताबें लेने पहुंचे थे। दुकानदार का कहना था कि अभी किताबों के सेट बेचे जा रहे हैं।
कासिम अली, पुराना शहर
अगर कोई पुस्तक विक्रेता अभिभावक से जबरन पूरा सेट लेने के लिए कह रहा है तो ये गलत है। अभिभावक को जो किताबें नहीं चाहिए, दुकानदारों को रकम देकर उन्हें वापस लेना होगा।
अंकुर सक्सेना, प्रदेश अध्यक्ष, अभिभावक संघ
हमारे पास मनमानी की शिकायतें आ रही हैं। कार्रवाई के लिए टीम गठित की जाएगी। औचक निरीक्षण कर दुकानों और स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी।
देवकी सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक