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आयकर की तेल, जमीन और सोने पर नजर

Sat, 17 Dec 2016 01:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
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tax evasion
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नोटबंदी के बाद कालेधन को सफेद बनाने के लिए कारोबारियों ने आयकर के एडवांस टैक्स में 30 करोड़ रुपये ज्यादा जमा कर दिए। इसमें से ज्यादा रकम पेट्रोल पंप, सोना और जमीन के कारोबारियों की है। इनके अलावा उद्यमियों तथा ट्रेडर्स का भी अच्छा खासा हिस्सा है। इस आंकड़े को देखकर आयकर विभाग के अफसर हैरान है। यह रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को पहुंची तो उनके स्तर से और ज्यादा टैक्स वसूलने की तैयारी की जा रही है। 
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पिछले साल आयकर विभाग को बरेली जोन से सितंबर, अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर चार महीनों का एडवांस टैक्स करीब 40 करोड़ रुपये जमा हुआ था। इस साल नोटबंदी के बाद इन महीनों का एडवांस टैक्स बढ़कर करीब 70 करोड़ रुपये हो गया है। दो गुना और उससे अधिक एडवांस टैक्स जमा करने वालों का रिकार्ड खंगालने के लिए आयकर विभाग ने खाका तैयार कर लिया है। इनमें काले धन को सफेद करने के लिए यहां के सराफ ने अधिक बिक्री से आमदनी दिखाई है।  
पेट्रोल पंप मालिकों ने भी काले धन को सफेद करने को डीजल और पेट्रोल की अधिक बिक्री दिखाई है। उनके यहां के भी वाणिज्य कर तथा रिफायनरियों से मिले तेल के स्टाक से सत्यापन कराने की रणनीति बनाई गई है। तीन विभागों के आंकड़ों से मिलान करने पर हकीकत सामने आ जाएगी। 
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रीयल स्टेट कारोबारियों ने भी इनकम टैक्स में अच्छी खासी आदमनी दिखाकर आयकर विभाग में अपनी आमदनी का 30 फीसदी एडवांस टैक्स जमा किया है। जमीन कारोबारियों का रिकार्ड खंगालने के लिए उनके खाते तथा रजिस्ट्री आफिस की मदद लेने की तैयारी है। क्योंकि इन कारोबारियों ने प्रापर्टी, फ्लैट की बिक्री दिखाकर अधिक आमदनी बताई है। कागजों में हेराफेरी करने वाले ऐसे कारोबारियों को शिकंजे में लेने के लिए उनके बैंक स्टेटमेंट तथा रजिस्ट्री आफिस का आंकड़ा देखा जाना है। दोनों का मिलान होनेे पर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। क्योंकि नौ नवंबर के बाद पुराने नोट में लेनदेन दर्शाने की जानकारी मिली है।
 
‘केंद्र सरकार ने एडवांस टैक्स जमा कराने से लेकर अघोषित आय का खुलासा करने के ऐसे नियम बनाए हैं कि उनके जांच में आसानी से पकड़ा जा सकता है। नए नियमों से मामले पकड़ में आएंगे।’ अरविंद कुमार सिंह, आयकर वकील
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