बरेली। गर्मियों के सीजन में शहर को 24 घंटे बिजली आपूर्ति देने के लिए 700 करोड़ की लागत से कराए गए कार्यों का धरातल पर असर नहीं दिख रहा है। जून में तापमान 40 डिग्री के पास पहुंचने के साथ ही बेहिसाब कटौती होने लगी है। ओवरलोड सिस्टम के चलते शहर में एक और जिले में औसतन 12 ट्रांसफार्मर रोजाना फुंक रहे हैं। रोजाना सैकड़ों मीटर बंच केबल जल रहा है। आलम यह है कि फीडरों के भार को विभाजित करना पड़ रहा है। इससे उपभोक्ता बेहिसाब कटौती का सामना कर रहे हैं।
शहर में 2.50 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं को 24 उपकेंद्रों के जरिये बिजली आपूर्ति की जाती है। पिछले साल गर्मियों के सीजन में बिजली कटौती के कारण हाहाकार की स्थिति रही। उपकेंद्रों में तोड़फोड़ के साथ ही कर्मचारियों की पिटाई और डीएम आवास तक का घेराव किया गया।
इस बार ऐसा न हो इसके लिए अक्तूबर 2024 से काम शुरू कराए गए। अब तक 700 करोड़ से ज्यादा खर्च हो चुके हैं, लेकिन तापमान बढ़ने के साथ हालात फिर से बिगड़ रहे हैं। एक से 14 जून तक शहर में 17 ट्रांसफार्मर फुंक चुके हैं।
किला, शाहदाना, हरूनगला, जगतपुर, चौपुला, मिशन कंपाउंड, सुभाषनगर, सिविल लाइंस द्वितीय व तृतीय, महानगर, डीडीपुरम, कोहाड़ापीर और कुतुबखाना इलाकों में सबसे ज्यादा समस्या है। ट्रांसफार्मर फुंकने और बंच केबल जलने की स्थिति में आठ से 10 घंटे तक आपूर्ति बहाल नहीं हो रही। शनिवार को भी शहर के कई इलाकों में यही हालात रहे।
नवादा शेखान, कटरा चांद खां, आजाद नगर, कर्मचारी नगर, बीडीए कॉलोनी, सीबीगंज, पुराना रोडवेज, कुंवरपुर, रुकुमपुर, बमनपुरी, बिहारीपुर, सुनारों वाली गली, पंजाबपुरा, केला बाग, कानून गोयान, जागृति नगर, सर्वोदय नगर, आनंद विहार, परसाखेड़ा, स्लीपर रोड आदि इलाकों में शनिवार को उपभोक्ताओं ने कटौती का सामना किया। संवाद
दावा : पिछले साल से कम फुंके ट्रांसफार्मरविद्युत निगम के अधिकारियों का दावा है कि पिछले साल के मुकाबले इस साल लाइन लॉस कम हुआ है। ट्रांसफार्मर फुंकने से होने वाली क्षति भी 90 लाख तक घटी है। बिजली आपूर्ति की स्थिति में सुधार हुआ है। अधिशासी अभियंता 11 केवी एलटी लाइन वर्टिकल सुरेंद्र गौतम ने बताया कि कुछ इलाकों में समस्या है उसे दूर किया जा रहा है। पिछले साल के मुकाबले कम ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं।