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यूपी: स्वाइन फ्लू से पीड़ित बदायूं के मरीज की मौत, बरेली के निजी मेडिकल कॉलेज में चल रहा था उपचार

Tue, 01 Sep 2026 12:40 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं/बरेली

सार

स्वाइन फ्लू के बढ़ते प्रकोप ने चिंता बढ़ा दी है। स्वाइन फ्लू से पीड़ित बदायूं के एक मरीज की मौत हो गई। मरीज का उपचार बरेली में चल रहा था। जहां कराई गई जांच में संक्रमण की पुष्टि हुई है। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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स्वाइन फ्लू से पीड़ित बदायूं के एक मरीज की मौत हो गई। बिल्सी क्षेत्र निवासी 72 साल के मरीज का बरेली के एक निजी मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा था। वह पहले से ही बीमार चल रहे थे। मेडिकल कॉलेज में हुई जांच रिपोर्ट में उनमें स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। हालांकि जिले के विभागीय अफसरों का कहना है कि मरीज को अन्य बीमारी भी थी, जिसका वह उपचार करा रहे थे। स्वाइन फ्लू से मौत होने की पुष्टि विभाग नहीं कर रहा है। सीएमओ डॉ. विकास शर्मा ने बताया कि जिले के आठ लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। इनमें चार सक्रिय हैं। उपचार से तीन स्वस्थ्य हो गए हैं। 

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दिल्ली, अलीगढ़ में रह रहे हैं स्वाइन फ्लू से संक्रमित 
बड़े शहरों में रह रहे जिले के लोग स्वाइन फ्लू की चपेट में आए हैं। इनमें से दो दिल्ली, दो अलीगढ़ और एक व्यक्ति ग्रेटर नोएडा में जांच के दौरान संक्रमित मिला है। संबंधित स्थानों पर ही उनका इलाज कराया जा रहा है। जिले में स्वास्थ्य विभाग की टीम संक्रमितों की जानकारी जुटाने के लिए उनके बताए पते और संबंधित स्थानों पर पहुंची, लेकिन जिले में कोई मरीज रहता हुआ नहीं मिला। 

कोरोना काल की पीपीई किट हो चुकी हैं एक्सपायर
स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है, लेकिन संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी सुरक्षा उपकरणों को लेकर विभाग की चिंता बढ़ गई है। कोविड-19 के दौरान खरीदी गई पीपीई (पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट) किट एक्सपायर हो चुकी है। ऐसे में अब स्वाइन फ्लू का मरीज सामने आने पर स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर विभाग के सामने चुनौती खड़ी हो गई है। 

विभाग ने पीपीई किट, मास्क समेत अन्य जरूरी सुरक्षा सामग्री की मांग भेजी है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वाइन फ्लू को लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। यहां तक कि जिला अस्पताल में एक वार्ड आरक्षित किया गया है। इसके अलावा राजकीय मेडिकल कॉलेज में भी 20 बेड स्वाइन फ्लू के लिए आरक्षित किए गए हैं, ताकि संदिग्ध मरीज मिलने पर उसे अलग रखकर उपचार दिया जा सके। 
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कोरोना संक्रमण के दौरान स्वास्थ्य विभाग में पीपीई किट और मास्क समेत सुरक्षा सामग्री खरीदी थी। उस समय इनका इस्तेमाल कोरोना मरीजों के उपचार और संक्रमण से बचाव के लिए किया गया था। अभी स्वास्थ्य विभाग के पास 252 पीपीई किट मौजूद है, लेकिन इनको रखते हुए सात साल से ज्यादा समय हो गया है। ऐसे में लंबे समय बाद इन किटों की वैधता समाप्त हो चुकी है। ऐसे में स्वाइन फ्लू के मरीज मिलने पर पुरानी किटों के भरोसे स्वास्थ्यकर्मियों मरीज को पास भेजना खतरे से खाली नहीं है। 
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