सहायक आयुक्त (औषधि) संदीप कुमार ने बताया कि सैंपलों की जांच रिपोर्ट मिलने और विवेचना पूर्ण होने के बाद सीजेएम कोर्ट में परिवाद दाखिल करेंगे। इसके व्यापारिक प्रतिष्ठान पर भी कोडीन कफ सिरप मिली है। अन्य दवाओं का रख-रखाव उचित नहीं मिला है। प्रारंभिक तौर पर नोटिस जारी कर रहे हैं।
अन्य अवैध गोदामों की भी शुरू हुई तलाश
सहायक आयुक्त औषधि संदीप कुमार ने कहा कि नीलू फार्मा की तरह अन्य कारोबारियों के भी गोदामों और उसके लाइसेंस को जांचा जा रहा है, जिन्होंने बिना लाइसेंस अवैध रूप से औषधियों का भंडारण कर रखा है। ऐसे अवैध गोदामों को चिह्नित कर कार्रवाई के लिए भी उन्होंने औषधि निरीक्षकों को निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने कहा है कि कोई भी दवा कारोबारी अवैध रूप से दवाओं का भंडारण न करे, या फिर इसके लिए विभाग से लाइसेंस प्राप्त कर ले। जिनके लाइसेंस की अवधि समाप्त हो गई है या होने वाली है, वह अपने लाइसेंस नवीनीकरण करा लें।