सड़क पर सजे बाजार से हर रविवार लगता है जाम, फिर भी समाधान नहीं
बरेली। ईसाइयों की पुलिया से मालियों की पुलिया तक सड़क घेरकर हर रविवार को लगने वाला साप्ताहिक बाजार लाइलाज मर्ज जैसा हो गया है। यहां हर रविवार जाम लगता है। हजारों की संख्या में वाहन सवार घंटों परेशान रहते हैं। कई बार हादसे भी होते हैं। हर बार जिम्मेदार अगली बार से व्यवस्था सुधारने का दावा करते हैं... मगर, नतीजा वही ढाक के तीन पात जैसा ही रहता है।
रविवार को दिन में यहां कई बार जाम लगा। शाम के समय हालात और भी ज्यादा खराब रहे। यह बाजार एक निजी संपत्ति पर लगता है। मगर, वहां कुछ चुनिंदा दुकानदार ही कारोबार करते हैं। ज्यादातर विक्रेता सड़क घेरकर दुकान सजाते हैं। ठेले-खोमचे वाले भी यहीं खड़े होते हैं। ग्राहकों की भीड़ के चलते एक लेन का तकरीबन आधा हिस्सा पूरी तरह से ब्लॉक हो जाता है।
इस वजह से सेटेलाइट की ओर से आने वाले वाहन रेंग-रेंगकर आगे बढ़ते हैं। लाल बत्ती के पास कई बार भीड़ की वजह से वाहनों की कतार लंबी हो जाती है। इस वजह से जाम भी लगता है। कई बार मुख्यमंत्री की ओर से इसको लेकर निर्देश के बाद भी अभियान चलाया गया। निजी संपत्ति पर ही कारोबार करने की हिदायत दी गई। ट्रैफिक व थाना पुलिस की जिम्मेदारी भी तय हुई, लेकिन अब हालत फिर से पहले जैसे हो गए हैं।
नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस एक-दूसरे के पाले में डाल रहे गेंद
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि वह कई बार यहां कार्रवाई कर चुके हैं। एक बाद कार्रवाई होने के बाद वहां फिर से अतिक्रमण न हो पाए, यह पुलिस की जिम्मेदारी है। वहीं, पुलिस इसे नगर निगम की जिम्मेदारी बताकर अपना पल्ला झाड़ लेती है। यहां ट्रैफिक पुलिस के साथ ही डायल 112 भी तैनात रहती है, मगर सड़क घेरने वालों पर कार्रवाई नहीं करते। संवाद
रविवार के बाजार से अस्थायी तरीके का अतिक्रमण कई बार हटाया गया है। अब पुलिस की जिम्मेदारी है कि दोबारा अतिक्रमण न होने दे। इसके लिए शासनादेश है। नगर निगम तो अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है। पुलिस भी जिम्मेदारी निभाए। -राजवीर सिंह, अतिक्रमण प्रभारी