बरेली। शहर के सुमित यादव को राष्ट्रपति ने उत्तम जीवन रक्षा पदक से सम्मानित करने की घोषणा की है। 27 अप्रैल 2024 की सुबह रोहिणी (दिल्ली) के मिलनसार अपार्टमेंट में भीषण आग के दौरान सुमित यादव ने अपनी जान दांव पर लगाकर दो इंजीनियरिंग विद्यार्थियों की जान बचाई थी। सुमित के इसी अदम्य साहस के लिए राष्ट्रपति ने उन्हें उत्तम जीवन रक्षा पदक से सम्मानित करने की घोषणा की है।
27 अप्रैल 2024 को सुबह करीब 5:30 बजे शॉर्ट सर्किट की वजह से अपार्टमेंट में भीषण आग लग गई थी। धुएं के गुबार और लपटों के बीच छात्र आर्यन गुप्ता और अनुपम कस्तूरिया अंदर फंस गए थे। सुमित ने दरवाजा तोड़ा और एक छोटे फायर सिलिंडर के सहारे 45 मिनट तक संघर्ष किया। उन्होंने पहले छात्र अनुपम को सुरक्षित बाहर निकाला।
भारी शरीर होने के कारण आर्यन गुप्ता को बाहर निकालना बेहद चुनौतीपूर्ण था। आर्यन बुरी तरह घबराए हुए थे, लेकिन सुमित ने हार नहीं मानी और उन्हें भी सुरक्षित बाहर निकाल लाए। दूसरों की जान बचाते हुए सुमित खुद गंभीर रूप से झुलस गए थे। उनका इलाज दिल्ली के महाराजा अग्रसेन और सफदरजंग अस्पताल से लेकर बरेली के ईशान अस्पताल तक कई महीनों तक चला।
उनकी इस बहादुरी की चर्चा पूरे देश में हुई और समय-समय पर कई सामाजिक व प्रशासनिक संस्थाओं ने उन्हें सम्मानित भी किया। अब उनकी बहादुरी के लिए पदक, प्रमाण पत्र और मौद्रिक भत्ता प्रदान किया जाएगा। संवाद