बरेली। सड़क हादसों में शून्य मृत्यु दर में हाईवे के अवैध कट सबसे बड़ी बाधा बन रहे हैं। अवैध कट और वाहनों की तेज रफ्तार के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। लोगों की जान जा रही है। ऐसे में हाईवे के अवैध कट को बंद किए बगैर शून्य मृत्यु दर का लक्ष्य नहीं प्राप्त किया जा सकेगा।
नैनीताल हाईवे पर देवरनियां-भोजीपुरा के बीच दो अवैध कट हैं। बहेड़ी से मुड़िया टोल प्लाजा तक तीन जगह अवैध कट हैं। मोहम्मदपुर चौराहा के पास अवैध कट पर अक्सर हादसे होते हैं। गन्ना उत्पादक महाविद्यालय के सामने बने अवैध कट पर भी हादसे होते रहते हैं।
सैदपुर से लेकर मुड़िया टोल प्लाजा तक बने ढाबों पर रोजाना रात को सड़क की एक लेन पर मालवाहक बेवजह खड़े रहते हैं। इनकी वजह से हादसे होते हैं। वन विभाग तिराहा से लेकर मंडनपुर तक, परोही फाटक से भी लोग गलत दिशा से वाहन लेकर गुजरते हैं।
बरेली-पीलीभीत हाईवे पर रिछोला से लेकर गरगईया तक चार ब्लैक स्पॉट हैं। रिछोला, पिंक बूथ, बाइपास तिराहा और गरगईया पुलिया ब्लैक स्पॉट घोषित हैं। रिछोला में अवैध कट को पुलिस ने बंद करा दिया है, लेकिन बाइक सवार मानने को तैयार नहीं दिखते।
फतेहगंज पूर्वी में नेशनल हाईवे पर हरेला गांव के पास अवैध कट को बंद कराया गया है। निकसुआ गांव के सामने लगा सीसी कैमरा खराब है। रम्पुरा मोड़ के पास दुर्घटना होने पर इमरजेंसी सूचना देने के लिए लगा टेलीफोन बूथ टूटा हुआ है। उचसिया मोड़ कट पर लगी हुई लाइट खराब है।
मीरगंज इलाके में सिधौली चौराहा, अवंतिका पेट्रोल पंप, नगरिया नल चौराहा और खुर्द के पास बने कट पर आए दिन सड़क हादसे होते हैं। इन कटों पर सफेद पट्टी और संकेतक लगाए गए हैं, इसके बावजूद वाहन चालक गति कम नहीं करते हैं।
फरीदपुर इलाके में बरेली-लखनऊ हाईवे पर गौसगंज पुलिया के पास बना अवैध कट खतरनाक साबित होता रहता है। नवदिया अशोक के पास बने कट पर भी अंडरपास न होने की वजह से हादसे का खतरा बना रहता है।
इस संबंध में आरटीओ प्रवर्तन प्रणव झा ने कहा कि जिला स्तर पर गठित की गई संयुक्त समिति सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार प्रयासरत है। आने वाले दिनों में इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। ब्यूरो