जमीन की नीलामी भी फंसी
केसर चीनी मिल की मुड़िया मुकर्रमपुर स्थित करीब साढ़े ग्यारह एकड़ जमीन 28.5 करोड़ रुपये में 31 मई को नीलाम हुई थी। क्षेत्र के लोगों ने नीलामी औने-पौने दाम पर करने का आरोप लगाया। इसके बाद जिलाधिकारी अविनाश कुमार सिंह ने इस नीलामी को रद्द कर दिया। दोबारा होने वाली नीलामी सर्किल रेट को लेकर फंस गई है। प्रशासन का कहना था एक अगस्त को नए सर्किट रेट जारी होने के बाद इस जमीन की नीलामी कराई जाएगी। अब तक नए सर्किल रेट ही तय नहीं हुए हैं। दूसरी ओर प्रबंधन चीनी मिल बेचने की तैयारी में है, मगर इसमें भी कामयाबी नहीं मिल रही।
अपने-अपने तर्क
केसर चीनी मिल के सीईओ शरद मिश्र ने कहा कि जमीन बंधक बनाकर सरकार ब्याज पर हमें ऋण देकर इस संकट का हल निकाल सकती है। भुगतान न मिलने को लेकर किसान आक्रोशित जरूर हैं, मगर वह भी नहीं चाहते कि क्षेत्र में चीनी मिल बंद हो। हम भी मिल संचालित करना चाहते हैं।
जिला गन्ना अधिकारी दिलीप कुमार सैनी का कहना है कि चीनी मिल को ऋण देना इस संकट का समाधान नहीं है। प्रदेश की कई चीनी मिलों पर बकाया है। सरकार सभी को आर्थिक सहायता नहीं दे सकती। इससे गलत परिपाटी पड़ेगी। चीनी मिल ने गन्ना खरीदा है तो भुगतान उसे ही करना होगा।